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गोकशी अल सुबह, सराफ लूट देर शाम
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 12 Mar 2016 01:04 AM IST
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साइबर क्राइम
- फोटो : demo pic
वेब बेस्ड क्राइम मैपिंग अपराध के लिए बदनाम इलाकों की जानकारी देने के साथ ही वारदात समय का ब्योरा भी देगा। नक्शों पर दर्ज होगा कि किस इलाके में कौन सा अपराध किस समय होता है। पिछले तीन साल के अपराधिक रिकार्ड से पता चलता है कि शहर में गोकशी अल सुबह चार से पांच बजे होती है।
सराफा कारोबारियों के साथ लूट की वारदात देर शाम सात से आठ बजे के बीच होती हैं। चेन लुटेरे शाम पांच से छह ज्यादा सक्रिय रहते हैं। सराफों से पिछले तीन सालों में लूट की 50 से अधिक वारदात हैं। इनमें 15 रविवार को हुई हैं। 30 घटनाओं का समय देर शाम का रहा है। गौर से देखें तो सराफों को तब लूटा गया है जब वे प्रतिष्ठान बंद करके घर जा रहे होते हैं।
बदमाश जानते हैं कि सराफ कैश को प्रतिष्ठान पर नहीं छोड़ते हैं। कई तो कीमती जेवरात भी रात को घर पर ले जाते हैं। चांदी लूट मथुरा, एटा और दिल्ली के रास्तों पर हुई है। जनपद में सबसे ज्यादा घटनाएं एत्मादपुर में हुई हैं। इनमें हाथरस के गिरोह शामिल पाए गए हैं। एत्मादपुर से हाथरस की सीमा लगती है। बता दें, वेब बेस्ट क्राइम मैपिंग आगरा जोन में एक अप्रैल से लागू की जानी है।
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ये हैं गोकशी के अड्डे
आगरा। तेलीपाड़ा, सैयदपाड़ा, सराय ख्वाजा, हमीद नगर गड्ढा, पक्की सराय, शहीद नगर, ताजगंज, देवरी रोड , तोपखाना, ढोलीखार, मंटोला, बोदला, ट्रांस यमुना, टेढ़ी बगिया, इस्लामनगर समेत शहर में 30-35 अड्डे हैं।
गश्त में मिलेगी मदद
अपराध की टाइमिंग का सही पता चलने पर पुलिस के लिए गश्त का प्लान करना आसान होगा। जिस इलाके में जिस समय कोई अपराध ज्यादा होता है, उसी समय गश्त कराई जा सकेगी।
अलर्ट
- सराफों से लूट की आधी से ज्यादा वारदात रविवार को हुई हैं।
- वाहन चोरी की घटनाएं मैरिज होम के बाहर भी खूब हुई हैं।
- चेन स्नेचिंग शाम को ज्यादा, इस समय महिलाएं कालोनियों में घूमती हैं।
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सराफा कारोबारियों के साथ लूट की वारदात देर शाम सात से आठ बजे के बीच होती हैं। चेन लुटेरे शाम पांच से छह ज्यादा सक्रिय रहते हैं। सराफों से पिछले तीन सालों में लूट की 50 से अधिक वारदात हैं। इनमें 15 रविवार को हुई हैं। 30 घटनाओं का समय देर शाम का रहा है। गौर से देखें तो सराफों को तब लूटा गया है जब वे प्रतिष्ठान बंद करके घर जा रहे होते हैं।
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बदमाश जानते हैं कि सराफ कैश को प्रतिष्ठान पर नहीं छोड़ते हैं। कई तो कीमती जेवरात भी रात को घर पर ले जाते हैं। चांदी लूट मथुरा, एटा और दिल्ली के रास्तों पर हुई है। जनपद में सबसे ज्यादा घटनाएं एत्मादपुर में हुई हैं। इनमें हाथरस के गिरोह शामिल पाए गए हैं। एत्मादपुर से हाथरस की सीमा लगती है। बता दें, वेब बेस्ट क्राइम मैपिंग आगरा जोन में एक अप्रैल से लागू की जानी है।
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ये हैं गोकशी के अड्डे
आगरा। तेलीपाड़ा, सैयदपाड़ा, सराय ख्वाजा, हमीद नगर गड्ढा, पक्की सराय, शहीद नगर, ताजगंज, देवरी रोड , तोपखाना, ढोलीखार, मंटोला, बोदला, ट्रांस यमुना, टेढ़ी बगिया, इस्लामनगर समेत शहर में 30-35 अड्डे हैं।
गश्त में मिलेगी मदद
अपराध की टाइमिंग का सही पता चलने पर पुलिस के लिए गश्त का प्लान करना आसान होगा। जिस इलाके में जिस समय कोई अपराध ज्यादा होता है, उसी समय गश्त कराई जा सकेगी।
अलर्ट
- सराफों से लूट की आधी से ज्यादा वारदात रविवार को हुई हैं।
- वाहन चोरी की घटनाएं मैरिज होम के बाहर भी खूब हुई हैं।
- चेन स्नेचिंग शाम को ज्यादा, इस समय महिलाएं कालोनियों में घूमती हैं।