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कार में देसी बमों का जखीरा मिलने से सनसनी
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:41 AM IST
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एक्सप्रेस वे पर चेकिंग के दौरान मिले 2100 देसी बम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चेकिंग के दौरान डस्टर कार से देसी बमों के आठ कार्टून मिलने पर सनसनी फैल गई। इनमें 2100 बम थे। इन्हें ले जा रहे दोनों लोग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए। बाद में बम डिस्पोजल स्कवैड को बुलाकर बम नष्ट करा दिए गए।
पकडे़ गए लोग गाजियाबाद केसाहिबाबाद के मौहम्मद यासीन और उसका बेटा शाकिर अली हैं। एसओ खंदौली थाना ने बताया कि चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर दोनों ने कार दौड़ा दी थी। बाद में पीछा करके पुलिस ने कार को पकड़ लिया। इसकी तलाशी लेने पर इसमें रखे आठ कार्टून में 2100 देसी बम मिले। इनका इस्तेमाल आतिशबाजी के रूप में भी किया जाता है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के हवाले से एसओ ने बताया कि वे कह रहे थे कि इन बमों को ग्वालियर ले जा रहे थे। वहां एयरफोर्स को सप्लाई करनी थी। लेकिन वे इनके बिल नहीं दिखा पाए। उन्होंने जो लाइसेंस दिखाया, वह 30 किलो तक विस्फोटक सामग्री को पांच किलोमीटर तक ले जाए जाने के लिए था।
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जबकि उनके पास से मिली विस्पोटक सामग्री ( देसी बम ) का वजन एक कुंतल है। एक बम की लंबाई लगभग दस इंच है। पूरे माल की कीमत लगभग एक लाख रुपये है। दोनों के खिलाफ बगैर अनुमति ज्वलनशील पदार्थ ले जाने और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
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पकडे़ गए लोग गाजियाबाद केसाहिबाबाद के मौहम्मद यासीन और उसका बेटा शाकिर अली हैं। एसओ खंदौली थाना ने बताया कि चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर दोनों ने कार दौड़ा दी थी। बाद में पीछा करके पुलिस ने कार को पकड़ लिया। इसकी तलाशी लेने पर इसमें रखे आठ कार्टून में 2100 देसी बम मिले। इनका इस्तेमाल आतिशबाजी के रूप में भी किया जाता है।
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दोनों आरोपियों से पूछताछ के हवाले से एसओ ने बताया कि वे कह रहे थे कि इन बमों को ग्वालियर ले जा रहे थे। वहां एयरफोर्स को सप्लाई करनी थी। लेकिन वे इनके बिल नहीं दिखा पाए। उन्होंने जो लाइसेंस दिखाया, वह 30 किलो तक विस्फोटक सामग्री को पांच किलोमीटर तक ले जाए जाने के लिए था।
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जबकि उनके पास से मिली विस्पोटक सामग्री ( देसी बम ) का वजन एक कुंतल है। एक बम की लंबाई लगभग दस इंच है। पूरे माल की कीमत लगभग एक लाख रुपये है। दोनों के खिलाफ बगैर अनुमति ज्वलनशील पदार्थ ले जाने और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।