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भूख-प्यास से तड़प रहे गोवंश की हालत देख ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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डैमो
नौहझील (मथुरा)। गांव देदना में महंत द्वारा बनवाई गई गोशाला में 200 से अधिक गोवंश को छोड़कर गोसेवक भाग गए। इससे गोशाला में बंद गोवंश भूख-प्यास और ठंड से तड़प रहा है। गोवंश की यह हालत देखकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने गोशाला पर धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को ब्लाक मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
एक महीने पहले गांव में खेरे वाली मैया मंदिर के महंत द्वारा गोशाला बनवाई गई थी। महंत पूरनदास महाराज ने गांव में गोशाला बनवा कर गोसेवा का संकल्प लिया था। सलाका निवासी हेमराज के खेत में लकड़ी की बाढ़ लगाकर गोशाला बना दी। आसपास के गांवों से गोशाला में गोवंश इकट्ठा कर लिया। गोवंश के खाने-पीने और देखभाल की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में अव्यवस्थाओं के चलते हर रोज दो-तीन गोवंश दम तोड़ रहा है। शुक्रवार की रात लकड़ी की बाढ़ में बंद 200 से अधिक गोवंश को छोड़कर गोसेवक भाग खड़े हुए। गोशाला में बंद गोवंश भूख-प्यास और ठंड से तड़प रहा है। गोशाला की दुर्दशा देख देदना व मरहला मुक्खा गांवों के लोग भी दु:खी हैं।
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प्रधान दयाराम ने बताया कि गोशाला में गोवंश भूख से तड़प रहा है। कोई अधिकारी कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं है। ताहर सिंह, चौ. घनश्याम सिंह, राजपाल बघेल, रतनेश कुमार, भूदेव प्रसाद, सुरेंद्र शर्मा, रामप्रसाद, महावीर सिंह, ओमवीर निषाद, रवि चौधरी, लेखराज सिंह आदि ग्रामीणों ने डीएम से समस्या के समाधान की मांग की है।
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एक महीने पहले गांव में खेरे वाली मैया मंदिर के महंत द्वारा गोशाला बनवाई गई थी। महंत पूरनदास महाराज ने गांव में गोशाला बनवा कर गोसेवा का संकल्प लिया था। सलाका निवासी हेमराज के खेत में लकड़ी की बाढ़ लगाकर गोशाला बना दी। आसपास के गांवों से गोशाला में गोवंश इकट्ठा कर लिया। गोवंश के खाने-पीने और देखभाल की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो सकी।
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ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में अव्यवस्थाओं के चलते हर रोज दो-तीन गोवंश दम तोड़ रहा है। शुक्रवार की रात लकड़ी की बाढ़ में बंद 200 से अधिक गोवंश को छोड़कर गोसेवक भाग खड़े हुए। गोशाला में बंद गोवंश भूख-प्यास और ठंड से तड़प रहा है। गोशाला की दुर्दशा देख देदना व मरहला मुक्खा गांवों के लोग भी दु:खी हैं।
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प्रधान दयाराम ने बताया कि गोशाला में गोवंश भूख से तड़प रहा है। कोई अधिकारी कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं है। ताहर सिंह, चौ. घनश्याम सिंह, राजपाल बघेल, रतनेश कुमार, भूदेव प्रसाद, सुरेंद्र शर्मा, रामप्रसाद, महावीर सिंह, ओमवीर निषाद, रवि चौधरी, लेखराज सिंह आदि ग्रामीणों ने डीएम से समस्या के समाधान की मांग की है।