फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   समय सीमा बीती, अब भी 40 फीसदी ऑफलाइन

समय सीमा बीती, अब भी 40 फीसदी ऑफलाइन

Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। स्कूलों की फीस संरचना में पारदर्शिता लेने के सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की कोशिशें राजधानी के स्कूल प्रबंधनों की जिद के आगे नाकाफी साबित हो रही है। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को 17 जुलाई तक अपनी वेबसाइट विकसित कर सूचनाएं सार्वजनिक करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि समय-सीमा के गुजर जाने के करीब 12 दिन बाद भी 40 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल ऑफलाइन हैं। वहीं, जिनकी वेबसाइट हैं, वे सूचनाएं सार्वजनिक करने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन

संबद्ध विद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सीबीएसई ने स्कूलों को ऑनलाइन करने के निर्देश जारी किए थे। दो साल पहले शुरू की गई इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 17 जुलाई 2013 को अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इस तिथि तक सीबीएसई के सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट बनाना जरूरी था। केवल यही नहीं कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की नियत से बोर्ड ने स्कूलों के संबंध में कई जानकारियां उपलब्ध कराने की अनिवार्यता निर्धारित की थी। इसमें स्कूल की सभी कक्षाओं की फीस संरचना से लेकर कार्यरत शिक्षकों की योग्यता तक को सार्वजनिक किया जाना था। इस संबंध में दी गई समय-सीमा के समाप्त होने के बाद भी राजधानी में सीबीएसई से संबद्ध करीब तीन दर्जन स्कूलों ने अपनी वेबसाइट विकसित नहीं की है। वहीं, वेबसाइट ऑनलाइन होने के बाद भी कई स्कूलों ने बोर्ड की ओर से निर्देशित जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया है।
विज्ञापन


राजधानी की स्थिति
सीबीएसई से संबद्ध कुल स्कूल - 101
ऑनलाइन स्कूलों की संख्या - 64
ऑफलाइन स्कूल - 37

इन स्कूलों ने उपलब्ध कराई जानकारियां
दिल्ली पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल, कैथेड्रल कॉलेज, रानी लक्ष्मीबाई सीनियर सेकंडरी स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, अवध कॉलिजिएट, लखनऊ पब्लिक स्कूल, एसकेडी एकेडमी, सिटी इंटरनेशनल स्कूल समेत तमाम अन्य विद्यालयों ने वेबसाइट विकसित कर ली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट-------------
बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों का सख्त हिदायत दी गई है, जिसमें विद्यालय की वेबसाइट विकसित करने के साथ ही कई सूचनाएं सार्वजनिक करने की अनिवार्यता भी निर्धारित की गई है। बोर्ड की ओर से लगातार इस पर नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने इन निर्देशों को नजरअंदाज करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी रखा है। -डॉ. जावेद आलम खान, सिटी को-ऑर्डिनेटर, सीबीएसई


स्कूल को बतानी होगी फीस
लखनऊ। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई ) ने स्कूलों की कार्यप्रणाली में पादर्शिता लाने के लिए पंजीकृत छात्र संख्या, फीस संरचना से लेकर उपलब्ध सभी संसाधनों के संबंध में सूचनाएं अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से संबद्ध विद्यालयों को अनिवार्य रूप से वेबसाइट विकसित किए जाने के संबंध में सूचना प्रेषित की गई हैं। सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर संबद्धता की स्थिति, परिसर में उपलब्ध संस्थान, अध्यापकों के नाम, पदनाम व योग्यता, प्रत्येक कक्षा में पढ़ाने वाले छात्रों की संख्या, शिक्षक-छात्र अनुपात, स्कूल का पता, ईमेल, फोन नंबर, प्रबंधन मंडल के सदस्यों की जानकारियां समेत सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। हालांकि बोर्ड द्वारा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सैलरी की सूचना सार्वजनिक किए जाने के निर्देशों पर सवाल उठ रहे हैं। डॉ. जावेद आलम खान कहते हैं कि किसी की सैलरी को इस प्रकार सार्वजनिक किया जाना गलत होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed