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नहीं दर्ज की रिपोर्ट एसएसपी से गुहार
Lucknow
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:32 AM IST
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लखनऊ (ब्यूरो)। आईआईपीएम पर सवा चार लाख रुपये की धोखाधड़ी व जालसाजी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे छात्र को हजरतगंज पुलिस ने टरका दिया। पुलिस ने आईआईपीएम के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे में उसकी शिकायत शामिल करने का आश्वासन दिया है। पीड़ित छात्र ने एसएसपी से गुहार लगाई है।
एसएसपी जे रविंदर गौड से आईआईपीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बिहार के कैमूर जिले के राजीव रंजन सिंह ने बताया कि उसने एमबीए के 2011-13 के कोर्स के लिए जनवरी 2011 में आईआईपीएम में दाखिला लिया था। तत्कालीन डीन आलम रे ने उसे बताया था कि एमएस विवि तमिलनाडु से रेगुलर एमबीए की डिग्री दी जाएगी। कुछ समय बाद कॉलेज प्रशासन ने बताया कि कुछ कारणों से एमएस विश्वविद्यालय से संपर्क टूट गया है। अब गुलबर्ग विश्वविद्यालय कर्नाटक से संबद्ध होना पड़ेगा। अन्य छात्रों की तरह राजीव ने भी स्वीकृति दे दी। गुलबर्ग विवि से संबद्ध होने के आठ महीने बाद भी परीक्षा न होने पर उसने प्रबंधन से जानकारी शुरू की। प्रबंधन ने राजीव को बताया कि उसे आईएमआई बेल्जियम की मार्कशीट व डिग्री दी जाएगी। कोर्स पूरा होने पर राजीव ने संस्थान में प्रमोटर सौमित्र शुक्ला, मारिया जफर खान, जसनिधि कौर सलूजा, अब्दुल्ला खान, एकेडमिक्स डीन मोनिका लाल, पूर्व सेंटर डीन प्रसून कुमार से जानकारी की। पता चला कि आईएमआई बेल्जियम की मार्कशीट नहीं मिल सकती क्योंकि वह संस्था सिर्फ डिग्री देती है। इसकी शिकायत राजीव रंजन ने ऑल इंडिया डीन नवीन चमोली से की तो उन्होंने उसे ही झूठा करार दे दिया।
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एसएसपी जे रविंदर गौड से आईआईपीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बिहार के कैमूर जिले के राजीव रंजन सिंह ने बताया कि उसने एमबीए के 2011-13 के कोर्स के लिए जनवरी 2011 में आईआईपीएम में दाखिला लिया था। तत्कालीन डीन आलम रे ने उसे बताया था कि एमएस विवि तमिलनाडु से रेगुलर एमबीए की डिग्री दी जाएगी। कुछ समय बाद कॉलेज प्रशासन ने बताया कि कुछ कारणों से एमएस विश्वविद्यालय से संपर्क टूट गया है। अब गुलबर्ग विश्वविद्यालय कर्नाटक से संबद्ध होना पड़ेगा। अन्य छात्रों की तरह राजीव ने भी स्वीकृति दे दी। गुलबर्ग विवि से संबद्ध होने के आठ महीने बाद भी परीक्षा न होने पर उसने प्रबंधन से जानकारी शुरू की। प्रबंधन ने राजीव को बताया कि उसे आईएमआई बेल्जियम की मार्कशीट व डिग्री दी जाएगी। कोर्स पूरा होने पर राजीव ने संस्थान में प्रमोटर सौमित्र शुक्ला, मारिया जफर खान, जसनिधि कौर सलूजा, अब्दुल्ला खान, एकेडमिक्स डीन मोनिका लाल, पूर्व सेंटर डीन प्रसून कुमार से जानकारी की। पता चला कि आईएमआई बेल्जियम की मार्कशीट नहीं मिल सकती क्योंकि वह संस्था सिर्फ डिग्री देती है। इसकी शिकायत राजीव रंजन ने ऑल इंडिया डीन नवीन चमोली से की तो उन्होंने उसे ही झूठा करार दे दिया।
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