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20 से 35 फीसदी तक बढ़ जाएंगी जमीन की कीमतें
Lucknow
Updated Thu, 04 Jul 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। जिले में भू-संपत्तियों के मूल्यांकन के डीएम सर्किल रेट की वर्तमान दरों में 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी अगले माह से लागू होगी। नई प्रस्तावित दरों को लागू किए जाने की प्रक्रिया को अंतिम स्वरूप देते हुए बुधवार देर शाम जिलाधिकारी की तरफ से संशोधित दरों के प्रस्ताव की सूची को प्रकाशित कर इसकी प्रतियां जनसामान्य की पहुंच तक लाने के लिए सार्वजनिक की गई। प्रस्तावित डीएम सर्किल दरों की नयी सूची अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, सहायक आयुक्त स्टांप तथा जिले के अन्य सभी उप निबंधक कार्यालयों व वहां लगे नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराई गई है। नई दरों के प्रस्ताव को पढ़ कर छह जुलाई तक कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकता है। नए डीएम सर्किल रेट की प्रस्तावित सूची जनपद लखनऊ की अधिकृत वेबसाइट www.lucknow.nic.inपर भी देखी जा सकती है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने बताया कि निर्धारित तीन दिनों में प्रस्तावित दरों पर किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज होने पर इसका निस्तारण दस जुलाई तक होगा। आपत्ति निस्तारण के बाद प्रस्तावित नई दरों को शासन के अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। शासन की संस्तुति के बाद डीएम सर्किल रेट की नई दरों को 1 अगस्त से जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में लागू किए जाने की तैयारी है। इसीलिए इस पर 6 जुलाई तक आम लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
एडीएम वित्त ने बताया कि बाजार मूल्य व डीएम सर्किल रेट के बीच सामंजस्य बनाने के लिए ही वर्तमान दरों में बीस से पैंतीस फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है ताकि जिले के सभी उप-निबंधक कार्यालयों के क्षेत्राधिकार में आने वाली आवासीय, कृषि व व्यावसायिक भू-सम्पत्तियों की कीमतों के साथ किरायेदारी, बहुमंजिली इमारतों में स्थित फ्लैटों तथा विभिन्न प्रकार के निर्माण दरों में उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्याकंन) नियमावली1997 तथा उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्याकंन द्वितीय संशोधन) नियमावली 2013 के नियम 4(1) के तहत जिलाधिकारी द्वारा नयी दरों को आपत्ति निस्तारण के बाद लागू कर रजिस्ट्री शुल्क के बतौर भू संपत्ति की बढ़ी हुई कीमत पर बैनामे से सरकारी राजस्व को बढ़ाया जा सके।
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प्रस्तावित दरों में आवासीय व व्यावसायिक काॅलोनियों में स्थित गैर कृषि भूमि की दरों तथा वाणििज्यक निर्माण की किराया दरों में सर्वाधिक तीस से चालीस प्रतिशत तक और यूपीएसआईडीसी तथा जिला उद्योग केंद्र लखनऊ द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित औैद्योगिक भूमियों व ग्रामीण इलाकों में आने वाली कृषि व गैर कृषि भूमि की दरों में बीस से पच्चीस प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने बताया कि निर्धारित तीन दिनों में प्रस्तावित दरों पर किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज होने पर इसका निस्तारण दस जुलाई तक होगा। आपत्ति निस्तारण के बाद प्रस्तावित नई दरों को शासन के अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। शासन की संस्तुति के बाद डीएम सर्किल रेट की नई दरों को 1 अगस्त से जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में लागू किए जाने की तैयारी है। इसीलिए इस पर 6 जुलाई तक आम लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
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एडीएम वित्त ने बताया कि बाजार मूल्य व डीएम सर्किल रेट के बीच सामंजस्य बनाने के लिए ही वर्तमान दरों में बीस से पैंतीस फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है ताकि जिले के सभी उप-निबंधक कार्यालयों के क्षेत्राधिकार में आने वाली आवासीय, कृषि व व्यावसायिक भू-सम्पत्तियों की कीमतों के साथ किरायेदारी, बहुमंजिली इमारतों में स्थित फ्लैटों तथा विभिन्न प्रकार के निर्माण दरों में उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्याकंन) नियमावली1997 तथा उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्याकंन द्वितीय संशोधन) नियमावली 2013 के नियम 4(1) के तहत जिलाधिकारी द्वारा नयी दरों को आपत्ति निस्तारण के बाद लागू कर रजिस्ट्री शुल्क के बतौर भू संपत्ति की बढ़ी हुई कीमत पर बैनामे से सरकारी राजस्व को बढ़ाया जा सके।
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प्रस्तावित दरों में आवासीय व व्यावसायिक काॅलोनियों में स्थित गैर कृषि भूमि की दरों तथा वाणििज्यक निर्माण की किराया दरों में सर्वाधिक तीस से चालीस प्रतिशत तक और यूपीएसआईडीसी तथा जिला उद्योग केंद्र लखनऊ द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित औैद्योगिक भूमियों व ग्रामीण इलाकों में आने वाली कृषि व गैर कृषि भूमि की दरों में बीस से पच्चीस प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।