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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   सफेदपोशों के साथ हत्या में शामिल था बावर्ची, गिरफ्तार

सफेदपोशों के साथ हत्या में शामिल था बावर्ची, गिरफ्तार

Thu, 23 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Thu, 23 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। प्रापर्टी डीलर मो फैजल कुरैशी की हत्या में सफेदपोश भाइयों के साथ बावर्ची भी शामिल था। बुधवार को पुलिस छापेमारी कर बावर्ची को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बावर्ची की निशानदेही पर छत से खून लगा गद्दा बरामद कर लिया है। पुलिस की मानें तो बावर्ची शव को ठिकाने लगाने व साक्ष्य मिटाने जैसे तकिया व गद्दे आदि खून साफ करने का बराबर का सहयोगी रहा है। फरार सफेदपोश भाइयों समेत अन्य आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई गई हैं। दो टीमें आजमगढ़ व अंबेडकरनगर रवाना की गई। जबकि, दो टीमें राजधानी में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीओ हजरतगंज का दावा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
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मालूम हो कि, बीते रविवार को पैसे के लेनदेन को लेकर हुसैनगंज के कीर्ति शिखर अपार्टमेंट में सफेदपोश ऐहतेशाम वारसी व उसके भाई अनीस खान वारसी ने प्रॉपर्टी डीलर मो फैजल कुरैशी को अपने ऑफिस में बुलाकर सुरक्षा गार्ड की मदद से गला घोंट कर मार डाला था। यही नहीं सफेदपोशों ने अपने गनर जयमंगल, उदयभान यादव व बावर्ची अरुण कुमार मिश्र की मदद से लाश बोरे में बंद करके सपा का झंडा लगी गाड़ी में लादी और रातों रात फतेहपुर ले जाकर उसे नाले में फेंककर लौट आए थे। लापता प्रॉपर्टी डीलर की तलाश कर रहे परिवार के साथ कोतवाली तक गए। पुलिस को कई घंटे गुमराह करने के बाद भांडा फूटता नजर आने पर दोनों सफेदपोश अपने सुरक्षा गार्डों के साथ फरार हो गए। पुलिस ने सफेदपोश के निजी गनर उदय भान यादव को दबोच लिया। उसने पुलिस के सामने हत्या का राज उगल दिया। पुलिस ने उदय भान को फतेहपुर ले जाकर प्रॉपर्टी डीलर के परिवार को शव की शिनाख्त कराई। पूछताछ में उदय भान ने बताया कि बावर्ची अरुण कुमार मिश्र सफेदपोशों का बारबर का सहयोगी रहा है। वह हत्या के समय भी घटना स्थल पर मौजूद था और शव ठिकाने लगाने के दौरान भी सफेेदपोशों का बराबर का सहयोगी रहा है। साथ ही उसने साक्ष्य मिटाने के लिए तकिया व गद्दे से खून साफ कर अपार्टमेंट के छत पर फेंक दिया और बाथरूम की दीवार, फर्श व दरवाजे से खून साफ किया था। बुधवार को पकड़े गए उदयभान की निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर बावर्ची अरुण कुमार को दबोच लिया। अरुण ने अपना जुर्म कबूलते हुए पुलिस के सामने हकीकत बयां कर दी। पुलिस ने अरुण की निशानदेही पर अपार्टमेंट के छत से गद्दा व तकिया बरामद कर लिया है। उधर, फरार सफेदपोश भाइयों समेत अन्य आरोपियों को दबोचने के लिए सीओ हजरतगंज दिनेश यादव ने चार टीमें बनाई है। सीओ की मानें तो फरार आरोपियों की लोकेशन आजमगढ़ व अंबेडकरनगर में मिली है। पुलिस टीमें वहां केलिए रवाना कर दी गई है। पुलिस टीम छापेमारी कर रही है। साथ ही दो टीम राजधानी के आरोपियों के संभावित ठिकानों को खंगाल रही है।
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फोरेंसिक टीम ने किया परीक्षण
हुसैनगंज के कीर्ति शिखर अपार्टमेंट के छत से गद्दा व तकिया बरामद होने पर फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पहुंचकर घटना स्थन दोबारा निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम के एक्सपर्ट ने कैमिकल डाल कर गद्दा, तकिया एवं बाथरूम के दरवाजे, फर्श व दीवार से खून के धब्बे का सैंपल लिया। एक्सपर्ट की मानें तो हत्यारों ने सबूत नष्ट करने की नियत से बाथरूम व गद्दा व तकिया साफ कर दिया था। मगर, कैमिकल के जरिए खून का नमूना ले लिया गया है। एक्सपर्ट का कहना है कि सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
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वर्दीधारी के शह पर करते है वारदात
सफेदपोश ऐहतेशाम व अनीस वारसी के एक पुलिस अफसर से करीबी रिश्ते हैं। उनकी शह पर वह कई वारदात को अंजाम दे चुका है। खास बात यह कि उक्त अफसर ने ही दोनों भाइयों को हत्या जैसे गंभीर अपराध से बचाने के लिए फरार करा दिया। सूत्रों की मानें तो दोनों भाई पुलिस अफसर के शह पर ही अबू सलेम के भाई अबू जैस पर भी फायरिंग कर जानलेवा हमला कर चुके हैं। इसके अलावा भी भाइयों ने मारपीट, वसूली समेत कई वारदात को अंजाम दिया। दोनों भाइयों ने आशियाना में एक प्रापर्टी में कब्जे को लेकर एक बिल्डर को भी धमकाया था।
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