फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   लखनऊ पहुंचने पर ‘सूर्य किरण मशाल’ का भव्य स्वागत

लखनऊ पहुंचने पर ‘सूर्य किरण मशाल’ का भव्य स्वागत

Tue, 30 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Tue, 30 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। मध्य कमान स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में 15 अप्रैल से शुरू हुआ गंगा-गोेमती-गंगा रॉफ्टिंग अभियान दल के सोमवार को शहीद स्मारक पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर दल के लीडर ने ‘सूर्य किरण मशाल’ मध्य कमान सेनाध्यक्ष को सौंपी। दल का स्वागत सेना के तीन पैरामोटर्स ने आकाश से फूल बरसा कर किया। मध्य कमान के सात राज्यों के 27 शहरों से होते 5200 किमी का सफर साठ दिनों में तय करते हुए सोमवार को रॉफ्टिंग दल गोमती नदी का 12 किमी लंबा सफर पैडल बोट से तय करते हुए ‘सूर्य किरण मशाल’ लेकर सोमवार को शहीद स्मारक पहुंचा। जैसे ही रॉफ्टिंग दल ने शहीद स्मारक पर गोमती नदी के तट पहुंचा तो वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों, जवानों व स्कूली बच्चों ने तालियां बजाकर जोरदार स्वागत किया। वहीं, सेना के जवानों ने आकाश से फूल बरसाए। इसके बाद दल के लीडर 113 फील्ड रेजिमेंट के कैप्टन पुष्प शर्मा ने मशाल बारी-बारी से मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल अनिल चैत व मेयर डॉ. दिनेश शर्मा को सौंपी। मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने दल के बीस सदस्यों को मेडल भेंट कर कहा कि यह उनके जीवन का स्वर्णिम दिन है। सेना द्वारा गोमती नदी पर चलाए गए इस अभियान से राजधानीवासियों को गोमती को स्वच्छ व रमणीक बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोमती नदी हमारी सबकी मां है। जब तक आम नागरिक इसकी साफ सफाई में योगदान नहीं देगा तब तक हम गोमा को साफ व स्वच्छ नहीं रख सकेंगे। सेनाध्यक्ष ले. जनरल चैत ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गोमती को साफ रखने के साथ इसमें जल परिवहन की संभावनाओं को तलाशना भी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही गोमती में एक बड़ी बोट उतारेंगे ताकि जल परिवहन की मूलभूत सेवाओं के विकास की संभावनाओं को साकार रूप दिया जा सकेगा।
विज्ञापन

एक लाख लोग एक साथ राष्ट्रगान गाकर बनाएंगे विश्व रिकॉर्ड ः मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल अनिल चैत ने बताया कि रॉफ्टिंग अभियान का अंतिम चरण तीन मई से छह मई तक गंगा नदी पर आयोजित होगा। इसके तहत तीन मई को इलाहाबाद से एक मोटरबोट से ‘सूर्या किरण मशाल’ बनारस के दशाश्वमेध घाट पर ले जाई जाएगी, जो कि तीन दिन का सफर तय कर छह मई को वहां पहुंचेगी। घाट पर पहुंचने पर इसका विधिवत विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद उसी दिन मध्य कमान के अंतर्गत आने वाले सात राज्यों के 100 से अधिक स्टेशनों पर एक लाख लोगों द्वारा एक ही समय पर एक साथ राष्ट्रगान गाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की भी तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed