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चक गजरिया की भूमि के पैसे से दौड़ेगी मेट्रो
Lucknow
Updated Wed, 20 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। चक गजरिया फार्म में मिलने वाली जमीन को नीलमा कर प्राधिकरण अपनी ओर से मेट्रो रेल परियोजना के लिए धन जुटाएगा। इस तरह एलडीए करीब 250 करोड़ रुपए जुटाने की कोशिश करेगा। ऐसे में पूर्व में घोषित 50 करोड़ और गजरिया फार्म से मिलने वाले 300 करोड़ रुपए देकर प्राधिकरण अपनी ओर से अच्छी खासी रकम मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध करा देगा। ऐसे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत इस प्रोजेक्ट के संचालन में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। इस तरह से धन जुटाने की कवायद एलडीए ने शुरू कर दी है।
एक ओर तो मेट्रो रेल परियोजना के लिए डीएमआरसी डीपीआर की कवायद पर काम करने लगा है। दूसरी ओर एलडीए धन जुटाने पर काम कर रहा है। इसमें एक बड़ा विकल्प चक गजरिया फार्म की खाली भूमि भी है। आर्थिक मदद के लिए यह भी प्राधिकरण के काम आएगी। हाल ही में इस संबंध में शासन में एक मीटिंग हुई थी, जिसमें अलग-अलग महकमों को चक गजरिया की 700 एकड़ भूमि देने का फैसला किया गया था। जिसमें प्राधिकरण के हिस्से में लगभग 400 एकड़ भूमि आएगी।
दो लैंडयूज में बांट कर होगी नीलामी
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इस भूमि को दो लैंडयूज में बांटा जाएगा। एक रिहायशी और दूसरा व्यावसायिक होगा। इन दोनों भू-उपयोग के आधार पर नीलामी की जाएगी। जिसमें जो बेस प्राइस तय होगा, उससे ऊपर जितना भी फायदा प्राधिकरण को होगा, उस धन का इस्तेमाल एलडीए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। यह करीब 250 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। बेस प्राइस को प्राधिकरण के बजट में जमा कर दिया जाएगा। जैसे ही यह भूमि प्राधिकरण को पूरी तरह से हस्तांतरित कर दी जाएगी, उसके बाद में यहां पर कुछ विकास करा के नीलामी प्रक्रिया का भी आगाज होगा।
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मेट्रो रेल के लिए कहां से कितनी मदद का दावा
विश्व बैंक करीब 5500 करोड़
केंद्रीय योजना आयोग करीब 2000 करोड़
एलडीए करीब 300 करोड़
आवास विकास परिषद ने भी अपनी योजनाओं में मेट्रो रेल आने पर मदद करने का वादा किया है।
चक गजरिया में किसको कितनी मिलेगी भूमि
आईटी सिटी 100 एकड़
ट्रिपल आईटी 50 एकड़
मेडिसिटी 120 एकड़
मिल्क डेयरी डवलपमेंट 25 एकड़
एनीमल हसबेंडरी 5 एकड़
एलडीए योजना 400 एकड़
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एक ओर तो मेट्रो रेल परियोजना के लिए डीएमआरसी डीपीआर की कवायद पर काम करने लगा है। दूसरी ओर एलडीए धन जुटाने पर काम कर रहा है। इसमें एक बड़ा विकल्प चक गजरिया फार्म की खाली भूमि भी है। आर्थिक मदद के लिए यह भी प्राधिकरण के काम आएगी। हाल ही में इस संबंध में शासन में एक मीटिंग हुई थी, जिसमें अलग-अलग महकमों को चक गजरिया की 700 एकड़ भूमि देने का फैसला किया गया था। जिसमें प्राधिकरण के हिस्से में लगभग 400 एकड़ भूमि आएगी।
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दो लैंडयूज में बांट कर होगी नीलामी
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इस भूमि को दो लैंडयूज में बांटा जाएगा। एक रिहायशी और दूसरा व्यावसायिक होगा। इन दोनों भू-उपयोग के आधार पर नीलामी की जाएगी। जिसमें जो बेस प्राइस तय होगा, उससे ऊपर जितना भी फायदा प्राधिकरण को होगा, उस धन का इस्तेमाल एलडीए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। यह करीब 250 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। बेस प्राइस को प्राधिकरण के बजट में जमा कर दिया जाएगा। जैसे ही यह भूमि प्राधिकरण को पूरी तरह से हस्तांतरित कर दी जाएगी, उसके बाद में यहां पर कुछ विकास करा के नीलामी प्रक्रिया का भी आगाज होगा।
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विश्व बैंक करीब 5500 करोड़
केंद्रीय योजना आयोग करीब 2000 करोड़
एलडीए करीब 300 करोड़
आवास विकास परिषद ने भी अपनी योजनाओं में मेट्रो रेल आने पर मदद करने का वादा किया है।
चक गजरिया में किसको कितनी मिलेगी भूमि
आईटी सिटी 100 एकड़
ट्रिपल आईटी 50 एकड़
मेडिसिटी 120 एकड़
मिल्क डेयरी डवलपमेंट 25 एकड़
एनीमल हसबेंडरी 5 एकड़
एलडीए योजना 400 एकड़