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41 शिक्षकों की तकदीर आज तय करेगी बॉम

Fri, 08 Mar 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Fri, 08 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में 41 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) के पाले में है। शुक्रवार को हो रही बॉम की बैठक में इन पर विचार किया जाएगा। पूर्व कुलपति के कार्यकाल में हुईं इन नियुक्तियों में अनियमितता की शिकायतें हैं। बॉम से लेकर राष्ट्रपति भवन तक इनकी जांच के आदेश हुए थे लेकिन मामला ठंडे बस्ते में ही रहा। बैठक में करियर एडवांसमेंट योजना के अंतर्गत कुछ शिक्षकों के प्रमोशन और फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट रायबरेली को बीबीएयू का कॉन्स्टीट्यूट कॉलेज बजाए जाने पर भी चर्चा होगी। बीबीएयू के पूर्व कुलपति प्रो. बी हनुमैय्या के कार्यकाल में 2011 में 41 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने अपनी आपात शक्तियोें का प्रयोग करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर ओर प्रोफेसर के 41 पदों पर न केवल नियुक्ति कर दी बल्कि बॉम की अनुमति के बिना उनके नियुक्ति-पत्र भी जारी कर दिए। बॉम ने अपनी 40वीें मीटिंग में इन सभी नियुक्तियों को स्थगित कर दिया। इसके बावजूद कुलपति ने 41वीं मीटिंग में पुन: इन नियुक्तियों को अनुमोदन के लिए रख दिया। बॉम ने तीन सदस्यों की जांच समिति बनाकर नियुक्तियों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हुई और अगली मीटिंग में फिर इसके अनुमोदन के लिए विवि प्रशासन ने एड़ी-चोटी की जोर लगा दिया। इस मामले में राष्ट्रपति भवन से भी बीबीएयू प्रशासन को नोटिस जारी किया गया था। फिलहाल नए निजाम की अगुवाई में बॉम की यह पहली बैठक है। इन शिक्षकों को एकेडमिक काउंसिल में जगह न देकर बीबीएयू प्रशासन ने नियम-कानून के सही अनुपालन के शुरुआती संकेत भी दे दिए हैं।
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एमएचआरडी कर चुका है मना ः 41 शिक्षकों का प्रोवेशन पीरियड पूरा होने के बाद बीबीएयू प्रशासन ने इन्हें स्थाई बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से निर्देश मांगा था। एमएचआरडी ने इससे साफ मना करते हुए कहा कि विवि के स्टेट्यूट के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बॉम ही सक्षम प्राधिकारी है। जब तक इन शिक्षकों की नियुक्ति को बॉम की मंजूरी नहीं मिलती तब तक उन्हें स्थाई किए जाने का सवाल ही नहीं उठता। जो शिक्षक दूसरे संस्थान से आए थे, उन्हें एमएचआरडी ने अपने मूल संस्थान वापस जाने की भी सलाह दी थी।
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एजेंडे में अधूरी जानकारी ः बॉम की बैठक के एजेंडे और उसके सारांश को इस बार भी नियुक्ति के पक्ष में मोड़ने की कोशिश की गई है। एजेंडा के बिंदु संख्या 9 में इस मामले को शिक्षकों के कंफर्मेशन या प्रोबेशन पीरियड एक्सटेंशन के लिए रखा गया है। एजेंडे के सारांश में जिम्मेदारों ने सारे तर्क नियुक्तियों को सही ठहराने और प्रोबेशन पीरियड पूरा होने के बाद शिक्षकों को कंफर्म करने के नियमों को गिनाने में गढ़े हैं। 41वीं बैठक में शिक्षकों की नियुक्ति पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश की बात तो प्रमुखता से कही गई है लेकिन बॉम के तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले की जांच के निर्देश का उल्लेख नहीं है।
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दो नए सदस्य बने ः बॉम में दो नए सदस्य बनाए गए हैं। स्कूल ऑफ होम सांइस की डीन प्रो. सुनीता मिश्रा और कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रो. विपिन सक्सेना को बॉम में जगह दी गई है। ये तीन साल तक बॉम के सदस्य रहेंगे। दूसरी ओर परीक्षा में लापरवाही के कथित आरोप में निलंबित किए गए असिस्टेंट रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार एवं कंप्यूटर प्रोग्रामर अतुल वाजपेयी का निलंबन समाप्त कर दिया गया है।
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