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कड़ाके की ठंड में कम पड़ गए गरीबों के कंबल

Wed, 09 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Wed, 09 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। कड़ाके की ठंड में असहाय व गरीबों का रैन बसेरों तक में रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। बावजूद इसके प्रशासन के पास उनके लिए कंबल नहीं बचे हैं। 20 लाख रुपये से खरीदे गए कंबल खत्म होने के बाद शासन से सात लाख रुपए की अतिरिक्त मांग कर प्रशासन ने दोबारा कंबल की खरीद कराई है। कई दिन से रैन बसेरों में बिना कंबल के रात गुजार रहे गरीबों को सोमवार से मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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ठंड के मौसम में असहाय एवं गरीबों को मदद पहुंचाने के लिए शासन ने आपदा राहत मद में गत दिसंबर माह में जिला प्रशासन 22 लाख रुपए दिए थे। इनमें दो लाख रुपए अलाव और 20 लाख रुपए कंबल खरीद के थे। अलाव के लिए प्रशासन ने चारों तहसीलों को 50-50 रुपए उपलब्ध कराए और 20 लाख रुपए से 5882 कंबल की खरीद कराई। इन कंबलों के वितरण की जिम्मेदारी भी तहसीलों को दी गई। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में रैन बसेरों व फुटपाथ पर सोने वालों में कंबल बंट गए। जनवरी में ठंड का प्रकोप बढ़ा तो प्रशासन के पास असहाय व गरीबों के लिए कंबल नहीं बचे। यहां तक कि रैन बसेरों में शरण लेने वालों को भी ठंड से बचाव मुश्किल हो गया। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) उदयवीर सिंह यादव के मुताबिक शहरी क्षेत्र में जनसंख्या को देखते हुए शासन से सात लाख रुपये और आवंटित हुए हैं। इसमें 5.10 लाख रुपए से 1500 कंबलों की खरीद की गई। एक हजार कंबल शहरी क्षेत्र की सदर तहसील और 90-90 कंबल तीन अन्य तहसीलों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अलाव के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। शहर में अलाव तथा रैन बसेरा केलिए 1.60 लाख रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया जा रहा है। इसके साथ प्रशासन ने ठंड के मौसम में गरीबों की मदद के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं से पहल करने की अपील की है।
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