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सुरक्षित शहर बनाने में युवाओं ने कसी कमर, गवर्नर से मिले
Lucknow
Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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लखनऊ। राजधानी को महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए लखनऊ के युवाओं ने कमर कस ली है। बुधवार को युवाओं ने राज्यपाल से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन देकर अपनी बात रखी तो जिलाधिकारी से भी कुछ युवा मिले और उन्हें 8 सूत्रीय सुझाव पत्र दिया। इन युवाओं ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर हालात सुधारेंगे। खास बात है कि ये युवा वही थे जिन्हाेंने रविवार को सीएम आवास पर प्रदर्शन और धरना स्थल पर डीएम से घंटों चर्चा की थी। दिल्ली में हुए सामूहिक दुराचार प्रकरण के बाद से शहर केे युवाओं में जबरदस्त गुस्सा है। सुबह राजभवन जाकर युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और अपनी बात रखी। इसमें उत्कर्ष तिवारी, प्रियंका पंत और आशा शामिल थीं। युवाओं का यह समूह बीते एक सप्ताह से राज्यपाल से मिलने का प्रयास कर रहा था। इन युवाओं ने राज्यपाल केे जरिए विधायिका और चुनाव आयोग से मांग की है कि वे ऐसे कदम उठाएं जिससे अगर किसी जनप्रतिनिधि पर किसी महिला पर अत्याचार या दुराचार का आरोप हो तो उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य कर दिया जाए। वहीं दोष सिद्ध होने पर फांसी की सजा दी जाए। युवाओं का मानना है कि इस तरह जनप्रतिनिधि और उनसे जुड़े एक बड़े शक्ति वर्ग में अपना रुतबा खतरे में पड़ने का पैदा डर होगा, जिससे महिलाओं के प्रति अपराधों में कुछ कमी आएगी। युवाओं का 10 सदस्यीय एक अन्य प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी अनुराग यादव से उनके आवास पर मिला। इन सभी ने 8 सुझाव डीएम को दिए हैं। आईसा नेता सुधांशु वाजपेयी ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को डीएम द्वारा मांगे गए सुझावों के अनुसार यह पत्र तैयार किया है। उन्हें जल्द ही सीएम से भी मुलाकात होने की उम्मीद है। डीएम ने मांगों पर जल्द ही पहल करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान अंचल श्रीवास्तव, अपूर्वा गुप्ता, दिलीप, आदित्य, देवेंद्र, नीतीश कनौजिया मौजूद रहे।
निकाले कैंडल मार्च, धरने प्रदर्शन जारी ः भारतीय युवा संसद के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा से विधानसभा भवन तक कैंडल मार्च निकाला। संयोजक अमरेश यादव ने कहा कि त्वरित कार्रवाई नहीं होने से प्रदेश में दुराचारियों का दुस्साहस बढ़ा है। दूसरी ओर पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने महिलाओं पर होने वाली हिंसा के विरोध में जीपीओ गांधी स्मारक पर एक दिवसीय धरना दिया। सचिव डॉ. रामप्रताप ने कहा कि महिलाओं पर हिंसक घटनाएं दुखद हैं। धरने में प्रो. रमेश दीक्षित, वंदना मिश्र, भगवान कटियार, आचार्य नीरज, राकेश यादव, आदि मौजूद रहे।
कड़ी निंदा ः ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने कैसरबाग कार्यालय में हुई बैठक में दिल्ली में हुए दुराचार की कड़े शब्दों में निंदा की। महासचिव नदीम सिद्दीकी ने इस दौरान कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं, महिलाओं और लड़कियों पर दिल्ली पुलिस की सख्ती तिरस्कारपूर्ण है।
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अनशनकारी विवेक विक्रांत को हटाया ः इस बीच दिल्ली दुराचार पीड़िता के दोषियों पर कार्रवाई तक अनशन पर अड़े विवेक विक्रांत को पुलिस ने बुधवार को जबरन हटा दिया। गांधी स्मारक पर अनशन कर रहे विवेक ने बताया कि वे 18 दिसंबर से अनशन पर हैं, लेकिन पीड़िता के न्याय नहीं मिला। वे न्याय मांग रहे हैं तो पुलिस ने उल्टे उन्हीं पर कार्रवाई। विवेक के अनुसार उन्हाेंने अनशन नहीं तोड़ा है, और इसे जारी रखेंगे।
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निकाले कैंडल मार्च, धरने प्रदर्शन जारी ः भारतीय युवा संसद के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा से विधानसभा भवन तक कैंडल मार्च निकाला। संयोजक अमरेश यादव ने कहा कि त्वरित कार्रवाई नहीं होने से प्रदेश में दुराचारियों का दुस्साहस बढ़ा है। दूसरी ओर पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने महिलाओं पर होने वाली हिंसा के विरोध में जीपीओ गांधी स्मारक पर एक दिवसीय धरना दिया। सचिव डॉ. रामप्रताप ने कहा कि महिलाओं पर हिंसक घटनाएं दुखद हैं। धरने में प्रो. रमेश दीक्षित, वंदना मिश्र, भगवान कटियार, आचार्य नीरज, राकेश यादव, आदि मौजूद रहे।
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कड़ी निंदा ः ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने कैसरबाग कार्यालय में हुई बैठक में दिल्ली में हुए दुराचार की कड़े शब्दों में निंदा की। महासचिव नदीम सिद्दीकी ने इस दौरान कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं, महिलाओं और लड़कियों पर दिल्ली पुलिस की सख्ती तिरस्कारपूर्ण है।
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अनशनकारी विवेक विक्रांत को हटाया ः इस बीच दिल्ली दुराचार पीड़िता के दोषियों पर कार्रवाई तक अनशन पर अड़े विवेक विक्रांत को पुलिस ने बुधवार को जबरन हटा दिया। गांधी स्मारक पर अनशन कर रहे विवेक ने बताया कि वे 18 दिसंबर से अनशन पर हैं, लेकिन पीड़िता के न्याय नहीं मिला। वे न्याय मांग रहे हैं तो पुलिस ने उल्टे उन्हीं पर कार्रवाई। विवेक के अनुसार उन्हाेंने अनशन नहीं तोड़ा है, और इसे जारी रखेंगे।