Mutual Funds New Rules: वर्तमान समय में म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एक लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है। बेहतर रिटर्न की चाहत में लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। हालांकि, म्यूचुअल फंड में मिलने वाला रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले लोगों को आर्थिक विशेषज्ञों से सलाह जरूरी लेनी चाहिए और इसके बाद ही निवेश करना चाहिए।
Mutual Fund Rules Change: क्या आप भी करते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश? सेबी ने इन नियमों में कर दिया है बदलाव
Mutual Funds New Rules: वर्तमान समय में म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एक लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है। बेहतर रिटर्न की चाहत में लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। हालांकि, म्यूचुअल फंड में मिलने वाला रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है।
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बदल गया कट-ऑफ टाइम
SEBI ने इस साल ओवरनाइट म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए कट-ऑफ टाइम बल दिया है। 1 जून 2025 से ऑफलाइन लेनदेन का समय दोपहर 3 बजे तक कर दिया। ऑनलाइन लेनदेन का समय शाम 7 बजे तक हो गया है।
इन समयों के बाद अगर लेनदेन किया जाता है, तो अगले कारोबारी दिन प्रोसेस होंगे, जिससे NAV (नेट एसेट वैल्यू) बदल सकती है। ओवरनाइट म्यूचुअल फंड्स सरकारी सिक्योरिटीज में एक दिन के लिए निवेश किए जाते हैं, जिन्हें कम जोखिम वाला माना जाता है। सेबी ने खासकर गिरवी रखने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह बदलाव किया है।
अनिवार्य स्ट्रेस टेस्ट के नतीजे बताने होंगे
म्यूचुअल फंड योजनाओं को स्ट्रेस टेस्ट के नतीजों को खुलासा करना होगा, जिससे निवेशकों को योजना की वित्तीय स्थिति का सही अंदाजा लग सके। एएमसी कर्मचारियों के वेतन का कुछ हिस्सा म्यूचुअल फंड योजना में लगाया जाएगा। कितना पैसा और किन योजनाओं में निवेश होगा, यह उनकी भूमिका पर तय करेगा। इससे कर्मचारियों और निवेशकों का हित एक तरह होगा।
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15 दिन में रिस्क पैरामीटर्स की जानकारी
अभी तक म्यूचुअल फंड्स के निवेशकों को अपने निवेश के रिस्क पैरामीटर्स की जानकारी महीने के आखिरी में दी जाती है। लेकिन अब यह जानकारी हर महीने के 15 दिन के अदर उपलब्ध होगी।
डिविडेंड ऑप्शंस के नाम में बदलाव
म्यूचुअल फंड्स के निवेशकों के लिए डिविडेंड (लाभांश) के विकल्प का नाम बदलकर “इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विद्ड्रॉल” किया जाएगा।
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डिस्क्लोजर नियमों में भी हुआ बदलाव
AMFI और SEBI ने छोटे निवेशकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिस्क्लोजर नियमों को बदल दिया है। निवेशकों को अपने निवेश के लिए ज्यादा स्पष्ट और विस्तृत जानकारी लेने का अधिकार होगा। इस नियम से निवेशकों को उनके निवेश के लिए सही और समय पर जानकारी मिलने में मदद मिलेगी।