Robots Fight: जब रिंग में उतरे Humanoid रोबोट्स, सिर अलग होने के बाद भी नहीं रुका मुकाबला; कैसे हुआ यह कमाल?
AI Robot Battle:
अब फाइटिंग रिंग में इंसान ही नहीं, बल्कि रोबोट भी उतर आए हैं। जी हां, चीन में पहली बार ऐसी फ्री-स्टाइल ह्यूमनॉइड रोबोट फाइटिंग प्रतियोगिता हुई, जिसके हाई किक, पंच ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आइए जानते हैं इस तकनीक और रोबोट के बारे में विस्तार से...

विस्तार
Humanoid Robot Fight:
चीन के शेनझेन शहर में आयोजित फुल-साइज ह्यूमनॉइड रोबोट्स की बीच फ्री-स्टाइल फाइटिंग प्रतियोगिता ने टेक लवर्स और गेमर्स दोनों का दिल जीत लिया। इस मुकाबले में रोबोट्स ने इंसानों की तरह पंच, हाई किक और बचाव के मूव्स दिखाए। ऐसी रोबोट्स की रिंग फाइट पहली बार आयोजित हुई।
Robot Fighting Competition:पहली बार रिंग में उतरे ह्यूमनॉइड रोबोट
इन ह्यूमनॉइड रोबोट्स की प्रतियोगिता शेनझेन के नानशान सांस्कृतिक और खेल केंद्र (Nanshan Cultural and Sports Center) में हुई। जिसे स्थानीय रोबोटिक्स कंपनी EngineAI ने अल्टीमेट रोबोट नॉक-आउट लेजेंट, Ultimate Robot Knock-out Legend (URKL) के नाम से आयोजित किया। इसे दुनिया की पहली फ्री-स्टाइल ह्यूमनॉइड रोबोट फाइटिंग प्रतियोगिता माना जा रहा है।प्रतियोगिता में 32 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने EngineAI के T800 फुल-साइज ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल किया, ताकि मुकाबला समान तकनीकी प्लेटफॉर्म पर हो।
EngineAI T800:कैसा है T800 रोबोट, जिसनें रिंग में दिखाया इंसानी मूव्स?
हाई किक से जीता मुकाबला
वीडियो में देखा गया कि शुरुआती मुकाबले में सफेद रंग का व्हाइट ईगल (White Eagle) अपने कॉम्पटिटर काले रंग के मैटाडोर (Matador) से भिड़ा। मुकाबले के दौरान व्हाइट ईगल ने सटीक हाई किक लगाकर दर्शकों की जोरदार तालियां बटोरी और मुकाबले का सबसे चर्चित पल बना।
सिर अलग हुआ, फिर भी लड़ता रहा रोबोट
इसके बाद यह प्रतियोगिता हैरान करने वाले मोड़ पर गई। देखा गया कि लड़ाई के दौरान जब एक रोबोट का सिर अलग हो गया, इसके बावजूद उसने फाइट जारी रखी। हालांकि इस दौरान सिर में लगे सेंसर काम करना बंद कर चुके थे, लेकिन रोबोट ने अपने धड़ (Torso) आधारित कंट्रोल सिस्टम की मदद से मुकाबला जारी रखा। वह पंच मारता रहा, वार झेलता रहा और मैच पूरा किया। आयोजकों ने इसे रोबोट की मजबूती और इम्पैक्ट रेसिस्टेंस का बड़ा उदाहरण बताया।
रोबोट्स की भिड़ंत देख दंग रह गए एक्शन स्टार
एक रिपोर्ट के अनुसार, एक्शन स्टार डॉनी येन (Donnie Yen) ने भी इस मैच का लुत्फ उटाया। लाइव मुकाबले को देखने के बाद उन्होंने अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 'ईमानदारी से कहूं तो, इससे पहले मैंने रोबोट्स की ऐसी लड़ाई सिर्फ साइंस फिक्शन फिल्मों में ही देखी थी। लेकिन आज पहली बार अपनी आंखों के सामने असली रोबोट्स को इतने करीब से और इतनी बेरहमी से लड़ते देखना बिल्कुल अलग और जादुई अनुभव था। इस एतिहासिक ब्रेकथ्रू को देखना अद्भुत था; उन मशीनों का भारी वजन और उनके मूवमेंट्स की गजब की सटीकता सचमुच चौंकाने वाली थी, जो फिल्मों से भी कहीं ज्यादा प्रभावशाली लगी।'
क्यों आयोजित हुई ह्यूमनॉइड रोबोट्स की प्रतियोगिता?
इंजनएआई (EngineAI) के फाउंडर और सीईओ झाओ तोंगयांग (Zhao Tongyang) ने टूर्नामेंट के विजन को लेकर कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दुनिया भर में एक प्रभावशाली कमर्शियल ह्यूमनॉइड रोबोट फाइटिंग आईपी (Intellectual Property) तैयार करना है, ताकि इस फील्ड में रिसर्च और इंडस्ट्री की रफ्तार को कई गुना तेज किया जा सके।साथ ही उन्होंने कहा कि यह रियल कॉम्बैट (असली लड़ाई) से मिलने वाला फीडबैक रोबोट्स को लैब के प्रोटोटाइप से निकालकर सीधे कमर्शियल मार्केट में लाने में मदद करेगा। इस टूर्नामेंट में रोबोट्स की जीत सिर्फ इस बात पर तय नहीं होती कि किसने कितना जोर से मारा, बल्कि इसके लिए आयोजकों ने चार कड़े नियम और कैटेगरी तय की गई हैं, जिन पर रोबोट्स को जज किया जाता है:
प्रभावी स्ट्राइक्स (Effective Strikes):
रोबोट के हमले कितने सटीक और सही जगह पर लगे।बॉडी स्टेबिलिटी (Body Stability):भारी हमले या मूवमेंट के दौरान रोबोट का शारीरिक संतुलन कितना मजबूत रहा।डिफेंसिव और इवेसिव एबिलिटी (Defensive & Evasive Ability):विरोधी के वार से खुद को बचाने और चकमा देने की क्षमता।ओवरऑल ड्यूरेबिलिटी (Overall Durability):कुल मिलाकर रोबोट ने कितनी मजबूती दिखाई और मार झेलने की क्षमता कैसी रही।