प्रस्तावित बदलाव डाटा साझा करने का अधिकार नहीं देते, हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं: व्हाट्सएप

व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति पर भारत सरकार के सख्त रुख के बाद कंपनी ने सफाई देते हुए कहा कि प्रस्तावित बदलाव यूजर्स का डाटा फेसबुक के साथ साझा करने का अधिकार नहीं देते हैं और इस मुद्दे पर कंपनी हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
एक दिन पहले मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय ने गोपनीयता नीति में एकतरफा बदलाव को अस्वीकार्य बताते हुए इन्हें वापस लेने के लिए व्हाट्सएप के सीईओ विल कैथार्ट को पत्र लिखा था। सरकार ने सोशल मैसेजिंग एप से सेवा व निजता नीति पर 14 सवालों के जवाब मांगे थे।
व्हाट्सएप के प्रवक्ता बुधवार को कहा, नए बदलावों से फेसबुक से डाटा साझा करने की हमारी क्षमताओं का विस्तार नहीं होता। हमारा उद्देश्य पारदर्शिता और व्यवसाय से जुडे़ नए विकल्प उपलब्ध कराना है ताकि हम अपने ग्राहकों की सेवा करने के साथ उन्हें आगे बढ़ा सकें।
व्हाट्सएप हमेशा निजी संदेश को एंड टू एंड एनक्रिप्शन के साथ सुरक्षित रखता है, लिहाजा न तो व्हाट्सएप और न ही फेसबुक इन्हें देख सकती है। हम इस दुष्प्रचार को रोकने पर काम कर रहे हैं और हर सवाल का जवाब देने के लिए उपलब्ध हैं।
दरअसल, व्हाट्सएप ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अगर उसके दो अरब यूजर्स मैसेजिंग एप का इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें गोपनीयता नीति में अपडेट को स्वीकार करना होगा।
कंपनी की नई शर्तों को लेकर तगड़ा विरोध हुआ था, जिसके चलते करोड़ों लोगों ने फेसबुक छोड़कर प्रतिद्वंद्वी सिग्नल और टेलीग्राम एप डाउनलोड कर लिया था। विवाद बढ़ता देख व्हाट्सएप ने 16 जनवरी को प्रस्तावित बदलावों को मई तक टाल दिया था।