Digital Infra: टाटा कम्युनिकेशंस-रेलटेल की साझेदारी, रेलवे का 63 हजार किमी फाइबर नेटवर्क होगा सुरक्षित
India’s Digital Infrastructure:
टाटा कम्युनिकेशंस और रेलटेल ने देश के डिजिटल सेवा को मजबूत बनाने के लिए साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत 63,000 किमी फाइबर नेटवर्क को क्लाउड और साइबर सुरक्षा सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी।

विस्तार
भारत की डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस और रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने मिलकर काम करने का फैसला किया है। इस साझेदारी का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई डिजिटल सेवाओं के लिए देश का डिजिटल ढांचा मजबूत करना है। कंपनियों का कहना है कि वे नेटवर्क सिस्टम को बेहतर बनाएंगी और साइबर सुरक्षा को और मजबूत करेंगी। रेलटेल का देशभर में फैला बड़ा नेटवर्क और टाटा कम्युनिकेशंस की ग्लोबल डिजिटल सेवाएं मिलकर लोगों और संस्थानों को ज्यादा सुरक्षित और तेज सेवाएं देंगी।
63,000 किमी फाइबर नेटवर्क का फायदा
रेलटेल का नेटवर्क 63,000 रूट किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर पर फैला है। अब इसे टाटा कम्युनिकेशंस के क्लाउड और साइबर सुरक्षा सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी और संवेदनशील डेटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा। साथ ही एआई की मदद से डिजिटल सेवाएं और तेज व बेहतर होंगी। टाटा कम्युनिकेशंस को भी अपने डिजिटल नेटवर्क को देशभर में फैलाने का मौका मिलेगा।
6,000 से ज्यादा रेलवे स्टेशन जुड़े
रेलटेल 6,000 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को कनेक्ट करता है। यह कई सरकारी विभागों और बैंकों के साथ भी काम करता है। इस नई साझेदारी से मंत्रालयों और राज्य सरकारों को तेज इंटरनेट, सुरक्षित सिस्टम और बेहतर डेटा सुरक्षा मिलेगी। रेलवे वाई-फाई, पब्लिक ब्रॉडबैंड, डिजिटल गवर्नेंस और सर्विलांस जैसी सेवाएं भी ज्यादा भरोसेमंद होंगी।
क्या बोले रेलटेल प्रमुख?
रेलटेल के चेयरमैन और एमडी संजय कुमार ने कहा कि यह साझेदारी देश के डिजिटल ढांचे को और मजबूत बनाएगी। इससे ग्राहकों को अपने सिस्टम बेहतर बनाने और लोगों को अच्छी सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
टाटा कम्युनिकेशंस का बयान
टाटा कम्युनिकेशंस के अधिकारी सुमीत वालिया ने कहा कि भारत अब डिजिटल इस्तेमाल से आगे बढ़कर एआई में आगे बढ़ना चाहता है। रेलटेल के साथ मिलकर वे देश को सुरक्षित और मजबूत डिजिटल भविष्य देने की दिशा में काम करेंगे।
डिजिटल इंडिया को मजबूती
यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को और ताकत देगा। आने वाले समय में सरकार, पीएसयू (पब्लिक सेक्टर यूनिट) और कंपनियों को ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं मिलेंगी। इसका सीधा फायदा आम लोगों को भी मिलेगा।