फेस स्कैन और फिंगरप्रिंट को कहें बाय, अब हर्ट को स्कैन करके खुलेगा कंप्यूटर

अभी तक आप फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए मोबाइल और कंप्यूटर को ओपन करने की बात सुनते आ रहे हैं लेकिन वह दिन दूर नहीं जब आपके हर्ट को स्कैन करने के बाद ही आपका कंप्यूटर खुलेगा।
तेजी से डिजिटलीकरण की ओर बढ़ते युग में कंप्यूटर की सुरक्षा और गोपनीयता गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इसी को देखते हुए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई कंप्यूटर सुरक्षा प्रणाली विकसित की है जिससे आपका कंप्यूटर आपके हर्ट को स्कैन करने के बाद ही खुलेगा। इसमें हर्ट का प्रयोग एक यूनिक पहचान के रूप में किया जाएगा।
कैसे काम करता है हर्ट स्कैनर?

दरअसल यह सिस्टम कम स्तर के डॉप्लर राडार का प्रयोग करते हुए आपके हृदय की माप करती है। इसके बाद लगातार आपके हृदय की निगरानी करते हुए इस बात का ध्यान रखती है कि कोई अन्य आपका कंप्यूटर न खोल पाए। अमेरिका के बुफालो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस प्रणाली को विकसित किया है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है और संभवत: अन्य किसी भी बायोमीट्रिक पहचान या पासवर्ड का अधिक प्रभावी विकल्प है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका प्रयोग स्मार्टफोन और एयरपोर्ट स्क्रीनिंग बैरिकेड्स में किया जा सकता है। बुफालो यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर वेन्याओ शु ने कहा कि हम इसका उपयोग सभी कंप्यूटर के लिए करना चाहते हैं क्योंकि हर कोई गोपनीयता चाहता है। वहीं इस प्रणाली के सिग्नल की क्षमता वाई-फाई से अत्यधिक कम है जिसकी वजह से यह आपके स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा उत्पन्न नहीं करता है।