राजनीतिक खातों पर गलत बैन पड़ा भारी: मेटा पर भड़का ओवरसाइट बोर्ड, क्या राजनीतिक भाषा नहीं समझ पा रहे एआई टूल?
स्वतंत्र ओवरसाइट बोर्ड ने चुनाव से जुड़े कंटेंट मॉडरेशन में लगातार हो रही गलतियों को लेकर मेटा की आलोचना की है और इसमें अधिक ट्रांसपैरेंसी और कंसिस्टेंसी लाने की मांग की है। जानते हैं कि आखिर या बात क्यों सामने आई है।

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सोशल मीडिया कंपनी मेटा एक बार फिर अपने कंटेंट मॉडरेशन को लेकर विवादों के घेरे में आ गई है। स्वतंत्र ओवरसाइट बोर्ड ने अमेरिका और ब्राजील में राजनीतिक खातों के खिलाफ हुई गलत कार्रवाइयों के बाद मेटा के चुनाव संबंधी प्रवर्तन की तीखी आलोचना की है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि मॉडरेशन में होने वाली ऐसी गलतियां या तो वैध राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाती हैं या फिर चुनाव प्रक्रियाओं में जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं।
क्या अमरीका और ब्राजील में मेटा की सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह फेल रही?
ओवरसाइट बोर्ड ने अमेरिका में 'नो किंग्स' आंदोलन से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खातों को हटाए जाने और ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से जुड़े खातों पर प्रतिबंध लगाने का उदाहरण दिया। बोर्ड के अनुसार, 'नो किंग्स' इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ हुई गलत कार्रवाई को मेटा के सुरक्षा तंत्र द्वारा पहले ही पकड़ लिया जाना चाहिए था। इन गलत कार्रवाइयों ने चुनाव में हस्तक्षेप की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
क्या हाई-प्रोफाइल खातों को क्रॉस-चेक प्रोग्राम का फायदा नहीं मिला?
बोर्ड ने सवाल उठाया कि प्रभावित खातों को मेटा के 'क्रॉस-चेक' प्रोग्राम में शामिल क्यों नहीं किया गया था। यह प्रोग्राम प्रमुख राजनीतिक और नागरिक हस्तियों के कंटेंट पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले अतिरिक्त मानवीय समीक्षा की सुविधा देता है। इसके अलावा, ब्राजील चुनाव प्रचार के दौरान लूला के विज्ञापन खातों के खिलाफ धोखाधड़ी नीतियों के तहत की गई गलत कार्रवाई को भी विशेषज्ञ समीक्षकों के पास भेजा जाना चाहिए था, जो एक बड़ा निष्पादन विफलता दर्शाता है।
क्या सार्वजनिक आंकड़े देने के बावजूद मेटा पारदर्शिता छुपा रहा है?
मेटा हालांकि नियमित रूप से हटाए गए विज्ञापनों और बंद किए गए खातों के आंकड़े जारी करता है, लेकिन बोर्ड के मुताबिक ये डेटा सिस्टम की प्रभावशीलता मापने के लिए अपर्याप्त हैं। बोर्ड ने कहा कि कंपनी ने अभी तक ऐसे सार्वजनिक मानक उपलब्ध नहीं कराए हैं जो उसकी इनफोर्समेंट सिस्टम की वास्तविक क्षमता या उसमें मौजूद बड़ी कमियों की पहचान कर सकें। साल 2022 के ब्राजील चुनावों के बाद भी बोर्ड ने ऐसे मापने योग्य मानक स्थापित करने की मांग की थी।
क्या एआई टूल्स राजनीतिक भाषा समझने में नाकाम हैं?
बोर्ड ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक कंटेंट को गलत तरीके से हटाने से राजनीतिक भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऑटोमेटेड एन्फोर्समेंट टूल्स को स्थानीय भाषा, राजनीतिक संदर्भ और बारीकियों को समझना बेहद जरूरी है ताकि हिंसा न भड़काने वाले राजनीतिक भाषणों की रक्षा की जा सके। साल 2025 में मॉडरेशन त्रुटियों को कम करने के अपने वादे को पूरा करने के लिए मेटा को अभी और सुधार करने होंगे।