अब इंसान के दिमाग की तरह सोचेगा कंप्यूटर, यह चिप करेगी कमाल

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चिप डेवलप करने में कामयाबी हासिल कर ली है जो इंसान के भीतर पैदा होने वाले क्रोध या प्रेम संबंधी भावनाओं की तरह सोच सकेगी। इसके लिए चिप में मनुष्य के दिमाग में स्थित न्यूरॉन के समान गतिविधियों का समावेश किया गया है। इस चिप में आर्टिफिशियल तकनीक का इस्तेमाल कुछ इस प्रकार किया गया है जो रोबोट या कंप्यूटरों में सुरक्षा तंत्र अथवा जांच के काम को और अधिक सटीक बना देगा।
प्रसिद्ध टेक जर्नल ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इस चिप को बीजिंग की कैम्ब्रिकॉन तकनीकी के आधार पर विकसित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कैम्ब्रिकॉन चिप व्यावसायिक रूप से बाजार में बहुत जल्द उपलब्ध नहीं हो सकेगी, लेकिन इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग में बड़ी क्रांति आ जाएगी। अमेरिका स्थित विज्ञान अकादमी ऑफ साइंसेस में कंप्यूटिंग तकनीकी इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ चेन तियांशी ने बताया कि इस चिप का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर एक अरब से अधिक स्मार्ट यूजर आसानी से कर सकेंगे।
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विशेषज्ञों ने बताया यह चिप में स्मार्ट डिवाइस को ठीक वैसा ही सोच देगी जैसा किसी इंसान का दिमाग सोचता है। इसका उपयोग रोबोट और कंप्यूटर से संबंधित किसी भी डिवाइस के काम करने की क्षमता को पूरी तरह से बदल डालेगा। इस चिप में इंसान के दिमाग में मौजूद न्यूरॉन के समान गतिविधियां शामिल होंगी जो किसी भी कंप्यूटर को ठीक इंसानी दिमाग जैसी ताकत देने में कामयाब हो सकेगी। इस चिप का कंप्यूटरों या रोबोट में इस्तेमाल होने पर उनमें ठीक वैसी गतिविधियां विकसित हो सकेगी जो क्रोध या अन्य भावनाओं के दौरान इंसान के दिमाग में होती हैं।
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कैम्ब्रिकॉन कंपनी को अलीबाबा, लेनोवो और आई-फ्लिटेक समेत कई बड़ी इंटरनेट कंपनियों से वित्तीय मदद मिलती है। कंपनी को उम्मीद है कि वह आगामी 3 सालों के भीतर दुनिया के एआई बाजार का 30 फीसदी हिस्सा कवर कर लेगी।
कहां-कहां काम आ सकेगी नई चिप?

नई कैम्ब्रिकॉन चिप का उपयोग फोटो पहचान, सुरक्षा जांच, बौद्धिक ड्राइविंग, ड्रोन के उपयोग और आवाज की पहचान में किया जा सकेगा। कंप्यूटर की दुनिया में ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं जिनका इस्तेमाल रोबोट और इससे संबंधित कामों में किया जाता है। इस कारण इस नई चिप कंप्यूटिंग और रोबोट की तकनीकी में बड़े बदलाव लाएगी। इसके अळावा अभी तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकी द्वारा शतरंज जैसे दिमागी खेल खेलने वाले कंप्यूटर व रोबोट विकसित किए गए हैं जिनमें हर चाल की काट व अगली चाल सोचने की क्षमता होती है। लेकिन यह चिप इंसान के क्रोध और प्रेम के दौरान पैदा होने वाली मनोस्थिति को भी समझ सकेगी। ऐसा होने से रोबोट या कंप्यूटर की दुनिया में बड़ी क्रांति आ सकती है।