WhatsApp: अब व्हाट्सएप पर नहीं चलेंगे ठगों के पैंतरे; फ्रॉड को रोकने आ रहा है Scam Alert फीचर, ऐसे करेगा काम
WhatsApp online scam protection:
ऑनलाइन स्कैम और बढ़ते साइबर फ्रॉड के खतरों को देखते हुए व्हाट्सएप अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर और मजबूत कदम उठाने की तैयारी में है। कंपनी एक इन-हाउस सिक्योरिटी फीचर पर काम कर रही है, जो अज्ञात नंबरों से आने वाले संदिग्ध मैसेज की पहचान कर तुरंत यूजर्स को चेतावनी देगा। जानिए व्हाट्सएप के इस नए स्कैम अलर्ट फीचर के बारे में विस्तार से कि कैसे यह आपको ऑनलाइन ठगी से बचाने में मदद करेगा।

विस्तार
WhatsApp Scam Alert feature: '
बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई है, आपने लाखों की लॉटरी जीत ली है और तुरंत इस लिंक पर क्लिक करें और इनाम पाएं'... ऐसे फर्जी और लुभावने मैसेज आजकल व्हाट्सएप पर आम हो चुके हैं। तमाम यूजर्स इन फर्जी मैसेजेस के झांसे में आकर साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए व्हाट्सएप एक नए 'Scam Alert' फीचर पर काम कर रहा है। यह फीचर किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध मैसेज की पहचान कर यूजर को तुरंत इनबॉक्स में ही चेतावनी देगा, ताकि वह समय रहते अलर्ट हो जाए और ऐसे स्कैम्स से बच सके।
WhatsApp Scam Alert कैसे काम करेगा ?
व्हाट्सएप का यह स्कैम अलर्ट फीचर सबसे पहले अज्ञात नंबर से आने वाले मैसेज की जांच करेगा। फिर अगर किसी मैसेज में धोखाधड़ी या स्कैम जैसे कोई संकेत मिलते हैं, तो वह चैट में ही यूजर को अलर्ट भेद देगा। जिससे उसे इस संभावित खतरे का पता पहले ही चल जाएगा, और यूजर किसी भी संदिग्ध लिंक, फर्जी ऑफर या ठगी से बच सकेगा।
केवल इन नंबरों की होगी जांच
यहां पर ध्यान रहे कि यह फीचर केवल उन्ही नंबर्स से आने वाले मैसेज की जांच करेगा, जो यूजर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है। जो नंबर सेव है, वो किसी प्रकार से प्रभावित नहीं होंगे।
यूजर के पास रहेगा पूरा कंट्रोल
- ब्लॉक और रिपोर्ट
- ट्रस्ट द चैट
- ब्लॉक और रिपोर्ट में यूजर तुरंत उस संदिग्ध नंबर को ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकेगा।
- ट्रस्ट द चैट में अगर यूजर को लगता है कि चैट सुरक्षित है, तो वह बातचीत जारी रख सकता है।
सुरक्षा के साथ प्राइवेसी भी रहेगी बरकरार
- ऑन-डिवाइस तकनीक:स्कैम को पकड़ने का यह पूरा प्रोसेस यूजर के मोबाइल डिवाइस (फोन) के अंदर ही होगा।
- मेटा सर्वर से दूरी:स्कैनिंग के दौरान आपका कोई भी मैसेज व्हाट्सएप या मेटा (Meta) के सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा।
- एन्क्रिप्शन रहेगा बरकरार: आपकी सभी चैट हमेशा की तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (End-to-End Encrypted) रहेंगी। इसका मतलब है कि व्हाट्सएप खुद भी आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता।
- प्राइवेसी:किसी दूसरे यूजर को कभी यह पता नहीं चलेगा कि आपने अपने एप पर इस फीचर को ऑन किया हुआ है।
कितनी बार आया स्कैम अलर्ट भी चल सकेगा पता
इतना ही नहीं कंपनी अपने यूजर्स को एक लोकल रिपोर्टिंग फीचर भी देने की तैयारी में है। जिससे यूजर देख सकेंगे कि Scam Alert ने कब और कितनी बार चेतावनी जारी की।
डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा फीचर
खास बात यह है कि यह फीचर यूजर को जबरदस्ती नहीं दिया जाएगा, मतलब यह डिफॉल्ट रूप से चालू नहीं होगा। जो यूजर्स इसका लाभ लेना चाहेंगे, केवल उन्हें ही सेटिंग्स में जाकर इसे मैन्युअली एक्टिवेट करना होगा।
अभी डेवलपमेंट स्टेज में है फीचर
फिलहाल व्हाट्सएप का यह स्कैम अलर्ट फीचर डेवलपमेंट फेज में है। अभी यह बीटा टेस्टर्स के लिए भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। हालांकि आने वाले अपडेट्स में इसकी टेस्टिंग शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे स्टेबल वर्जन में रोलआउट किया जा सकता है।