Mobile Safety Alert: थर्ड-पार्टी एप्स डाउनलोड कर रहें? पहले जान लें ये जरूरी बातें वरना हो सकता है नुकसान

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Tue, 06 Jan 2026 07:42 PM IST
सार

Third-party Apps:

अगर आप स्मार्टफोन यूजर हैं, तो थर्ड-पार्टी एप्स से बच पाना नामुमकिन है। क्योंकि व्हाट्सएप, इंस्ट्राग्राम जैसे तमाम सोशल मीडिया एप्स थर्ड पार्टी एप्स हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं ये क्या हैं, ये कितनी सुरक्षित हैं और इन्हें इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जानिए विस्तार से....

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What third-party apps Learn these important things before downloading them otherwise you might face problems
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik

    विस्तार

    स्मार्टफोन की दुनिया में एप्स के बिना जीवन अधूरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके फोन में मौजूद हर एप सुरक्षित नहीं है? मोबाइल कंपनियां जो एप्स खुद बनाती हैं, उन्हें फर्स्ट-पार्टी एप्स कहते हैं, जबकि अन्य डेवलपर्स की ओर से बनाई गई एप्स थर्ड-पार्टी एप्स कहलाती हैं। जहां ये एप्स हमें शानदार फीचर्स और सुविधा देती हैं, वहीं अनऑफिशियल सोर्स से इन्हें डाउनलोड करना आपके बैंक अकाउंट और निजी डेटा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

    क्या हैं थर्ड-पार्टी एप्स ?

    ये वे एप होते हैं जो आपके फोन के मैन्युफैक्चरर (जैसे सैमसंग, एपल) या ऑपरेटिंग सिस्टम ने न बनाई हो, वाे सब थर्ड-पार्टी एप है। इसमें ऑफिशियल स्टोर्स वाली एप्स जैसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, नेटफिल्क्स जैसी एप्स प्ले स्टोर या एप स्टोर पर मिलती हैं। ये सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही लिस्ट होती हैं। इसके अलावा अनऑफिशियल/वेबसाइट एप्स जो गूगल या एपल के कड़े नियमों से बचने के लिए सीधे वेबसाइट्स (APK फाइल्स) पर उपलब्ध होती हैं। ये सबसे ज्यादा जोखिम भरी होती हैं। फिर कस्टम एप्स आते हैं। ये किसी कंपनी के भीतर केवल कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए बनाई जाती हैं और सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं होतीं।

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    थर्ड-पार्टी एप्स के फायदे?

    अक्सर फोन की अपनी एप्स में सीमित फीचर्स होते हैं। थर्ड-पार्टी एप्स इसी कमी को पूरा करती हैं। उदाहरण के लिए, एक थर्ड-पार्टी कैमरा एप में आपको नेटिव एप के मुकाबले ज्यादा फिल्टर्स, मैनुअल कंट्रोल और एडिटिंग टूल्स मिल सकते हैं। यही वजह है कि म्यूजिक, पेमेंट और फोटोग्राफी के लिए लोग थर्ड-पार्टी एप्स को ज्यादा पसंद करते हैं।

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    क्या हैं इसके खतरे?

    ये बहुत खतरनाक भी होता है। साइबर अपराध के इस दौर में थर्ड-पार्टी एप्स स्कैमर्स का सबसे बड़ा हथियार हैं। इसमें कई एप्स वीडियो एडिटिंग या गेम के नाम पर डाउनलोड कराई जाती हैं, लेकिन वे बैकग्राउंड में आपका कॉन्टैक्ट, मैसेज और गैलरी का डेटा चुराती हैं। इसके साथ ही अनऑफिशियल सोर्स से डाउनलोड की गई एप्स के जरिए स्कैमर आपके फोन में मालवेयर भेज सकते हैं। जिससे वे आपके बैंकिंग ट्रांजेक्शन को कंट्रोल कर सकते हैं और सबसे बड़ा खतरा जासूसी का होता है। कई बड़ी एप्स पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी के आरोप लग चुके हैं (जैसे टिकटॉक), जिसके कारण उन्हें बैन तक किया गया है।

    एप डाउनलोड करते समय क्या करें?

    अगर आप अपने डिवाइस और डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बातों का गांठ बांध लें।

    • हमेशा ऑफिशियल सोर्स से जैसे Google Play Store या Apple App Store से ही एप डाउनलोड करें। किसी अंजान लिंक या वेबसाइट से एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें।
    • रिव्यू और रेटिंग: एप इंस्टॉल करने से पहले यूजर्स के रिव्यू जरूर पढ़ें। अगर रेटिंग खराब है या लोग फ्रॉड की शिकायत कर रहे हैं, तो उसे छोड़ दें।
    • परमिशन चेक: एप डाउनलोड करने के बाद देखें कि वह क्या-क्या परमिशन मांग रही है। अगर एक कैलकुलेटर एप आपकी लोकेशन या कॉन्टैक्ट्स की एक्सेस मांगती है, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
    • नियमित अपडेट: केवल उन्हीं एप्स को रखें जो नियमित तौर पर सिक्योरिटी अपडेट देती हैं।
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