Freemium: एप सब्सक्रिप्शन की मीठी छुरी, कट जाती है जेब और आपको पता भी नहीं चलता!

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 19 Mar 2025 04:53 PM IST
सार

'फ्रीमियम' को टेक्नोलॉजी के टर्म में मीठी छुरी क्यों कहा जाता है? एक इंटरनेट यूजर को कंपनियां कैसे अपने पोटेंशियल ग्राहक में बदल देती हैं? आइए जानते हैं।

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फ्रीमियम से कंपनियां बना रहीं नए ग्राहक - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आजकल कुछ एप पूरी तरह फ्री आ रहे हैं, तो कुछ में आपको कंटेंट का मजा उठाने के लिए सब्सक्रिप्शन खरीदना पड़ता है। लोग प्रीमियम फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पसंद करते हैं, तो कई लोग बजट न होने के वजह से फ्री वाले फीचर्स के साथ ही एप पर कंटेंट देखते हैं। लेकिन कंपनियों ने कुछ साल पहले सब्सक्रिप्शन को बेचने का एक ऐसा मॉडल खोज निकाला, जिसमें आप न चाहते हुए भी फंस जाते हैं और आपको इसकी भनक तक नहीं लगती। यूं कहें तो यह मॉडल एक मीठी छुरी है जिसे टेक्नोलॉजी के टर्म में "फ्रीमियम" कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं क्या है फ्रीमियम जिसके चलते आपकी जेब कट जाती है और आपको पता भी नहीं चलता।

    ऐसे समझें "फ्रीमियम" का मकड़जाल

    दरअसल, फ्रीमियम दो शब्दों से मिलकर बना है - फ्री और प्रीमियम। यानी इसमें इसमे सर्विस तो फ्री में मिलती है, लेकिन कुछ प्रीमियम भी छिपा होता है। आजकल गूगल से लेकर यूट्यूब तक, लगभग हर कंपनी फ्रीमियम मॉडल का इस्तेमाल कर रही हैं। इसमें यूजर को पहले कुछ सेवाएं मुफ्त दी जाती हैं, जबकि एप के सभी फीचर्स का पूरी तरह से फायदा उठाने के लिए महंगा सब्सक्रिप्शन खरीदना पड़ता है।

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    उदाहरण के तौर पर लें, तो इंटरनेट पर वीडियो कंटेंट डिलीवर करने वाले सबसे बड़े प्लेटफॉर्म YouTube पर आप मुफ्त में अनलिमिटेड वीडिओज देख सकते हैं, लेकिन मुफ्त में मिलने वाली इस सर्विस में आपको वीडियो के बीच-बीच में विज्ञापन भी दिखाया जाता है जिससे आपके कंटेंट कंज्यूम करने का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। वहीं इसके पेड सब्सक्रिप्शन में आपको विज्ञापन देखने को नहीं मिलता। इसी तरह गूगल के Google Drive में आपको 15 GB तक फ्री स्टोरेज मिलता है, लेकिन ज्यादा स्टोरेज के लिए आपको मंथली बेसिस पर सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। इस तरह के उदाहरण कई और एप्स में भी हैं जिनमें कई पॉपुलर फूड, ओटीटी और ऑनलाइन डिलीवरी वाले एप्स भी शामिल हैं।

    फ्री सर्विस के लालच में फंसते हैं लोग
    फ्री सर्विस के लालच में फंसते हैं लोग - फोटो : FREEPIK

    फ्री सर्विस के लालच में फंसते हैं लोग

    कुछ एप्स आपको शुरूआत में 1 महीने या 15 दिन के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन का फायदा मुफ्त में उठाने का मौका देते हैं। इसमें वे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन के सभी फायदे मुफ्त में दे देते हैं। यूजर को यह बात बताई जाती है कि आपको फ्री सब्सक्रिप्शन का फायदा उठाने के लिए अपने डेबिड/क्रेडिट कार्ड या यूपीआई एड्रेस सेव करना होगा और 15 दिन या 1 महीने बाद फ्री सब्सक्रिप्शन खत्म होने के बाद पेड सब्सक्रिप्शन अपने आप चालू हो जाएगा जिसके लिए पैसे अपने आप कट जाएंगे।

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