जिंदगी एक तमाशा और आगे TikTok, पढ़िए देश की इस पॉपुलर एप और उसके स्टार्स की कहानी

विस्तार
कोई कहता है, "अब और इंतजार नहीं। हुनर है तो दुनिया देखेगी।" कोई कहता है, "जिंदगी सिर्फ तमाशा नहीं, तमाशे के अलावा भी बहुत कुछ है।" सोशल साइट्स के इस दौर में 'टिक-टॉक' का जो महादौर आया है, उसके पीछे सहमति के स्वर हैं, तो सवालों के तीर भी हैं, लेकिन सच यह भी है कि ढेर सारे लोग अपने-अपने ठीये पर नायक की तरह बैठे हैं और दुनिया उनकी दीवानी हुई जा रही है। अगर यह कहा जाए कि छोटे शहरों के युवाओं के सपनों को साकार करने का जरिया बन रहा है, टिक-टॉक सोशल मीडिया एप, तो गलत नहीं होगा। इसकी बड़ी वजह यही है कि यहां युवाओं को सपने दिखाए ही नहीं जाते, बल्कि उनके लिए हुनर दिखाने का रास्ता जैसे आसान बना दिया गया है।
हुनर दिखाने की आजादी
इतना आसान कि उन्हें यहां कुछ सीखने की बंदिश नहीं, हुनर दिखाने की आजादी जरूर है। इंतजार नहीं, उनके पास सपनों को साकार करने के लिए खुला आसमान है। यही वजह है कि टिक-टॉक के साथ युवाओं को अपनी जिंदगी उनके अपने सपनों में रंगी महसूस होती है। यहां कोई टाइगर श्रॉफ है तो कोई करीना कपूर। कोई ‘चुटकी भर सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो बाबू’ डायलॉग पर लिप-सिंक करके दिल जीत रहा है, तो कहीं ‘मेरे पास मां है’ जैसे संवाद पर अभिनय करते कमसिन अभिनेता भा जाते हैं। यहां युवा अपने मनपसंद स्पेशल ब्यूटी इफैक्ट, इमोजी, स्टिकर, संगीत के साथ अपने हुनर को पेश कर सकते हैं।
युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मिल रहा मौका

इसकी लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यह भी है कि यहां युवाओं को अपनी बोली में अपनी प्रतिभा को पेश करने का मौका मिल रहा है। स्मार्टफोन उपभोक्ताओं की बढ़ती आबादी पूरी तरह से अंग्रेजी बोलने वाली नहीं है। उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म की जरूरत होती है, जहां वे अपने आप को स्वतंत्र तौर पर व्यक्त कर सकें और यह जरिया उन्हें टिक-टॉक दे रहा है। यही वजह है कि चीन की कंपनी भारतीय इंटरनेट बाजार में फेसबुक को चुनौती दे रही है। ऐसे में भारत में टिक-टॉक और फेसबुक के बीच दिलचस्प जंग जारी है। दोनों कंपनियों के बीच नई पीढ़ी के यूजर्स को जोड़ने की होड़ मची हुई है। टिक-टॉक चीन के स्टार्टअप बाइटडांस की यूनिट है। स्टार्टअप बाइटडांस को उम्मीद है कि भारतीय बाजार चीन के बाहर उसका सबसे बड़ा बाजार होगा। भारत में फेसबुक के करीब 30 करोड़ यूजर्स हैं। वहीं 20 करोड़ लोग टिक-टॉक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
डाउनलोडिंग के मामले में टॉप पर

मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर के मुताबिक 2019 की पहली तिमाही में टिक-टॉक एप को 18.8 करोड़ यूजर्स ने डाउनलोड किया। वहीं फेसबुक 17.6 करोड़ डाउनलोड के साथ दूसरे नंबर पर रहा। हालांकि इसके साथ विवाद भी कम नहीं हैं। भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे इस एप को हाल में मद्रास हाईकोर्ट ने बैन करने के निर्देश दिए थे। वजह यह सामने आई थी कि इसके जरिए यौन हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि इसके अलावा भी कई चर्चाएं गरम रहीं। कहीं टिक-टॉक वीडियो बनाने को लेकर हुई कॉलेज छात्र की मौत से इसके प्रतिबंध को जोड़ा गया तो कहीं टिक-टॉक यूजर्स के शोषण के बाद एक युवक की हुई आत्महत्या के लिए इसे जिम्मेदार माना गया। इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट में इसे बैन किए जाने को लेकर याचिका दाखिल की गई। इसके बाद ही कोर्ट ने इसे बैन किए जाने का निर्देश दिया।