Pahalgam Attack: गूगल मैप नहीं, इस एप का इस्तेमाल करते हैं आतंकी, क्या पहलगाम में भी...

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 24 Apr 2025 04:34 PM IST
सार

। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भी इस मैपिंग एप का नाम सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि आतंकवादियों ने नेविगेशन के लिए इस एप का इस्तेमाल किया। आइए समझते हैं कि यह एप कैसे काम करता है और पहले किस तरीके से इसका गलत इस्तेमाल हुआ है।

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Terrorists use AlpineQuest app not Google Maps, is it used in Pahalgam Attack too
AlpineQuest - फोटो : play store

    विस्तार

    जैसे-जैसे तकनीक ने तरक्की की है, वैसे-वैसे इसका इस्तेमाल केवल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए नहीं, बल्कि आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के लिए भी किया जाने लगा है। ऐसी ही एक एप्लीकेशन का नाम है AlpineQuest GPS Hiking App, जो सामान्यतः ट्रैकिंग, हाइकिंग या रूट मैपिंग जैसे कार्यों के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन अब इसका इस्तेमाल आतंकी बड़े स्तर पर करने लगे हैं। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भी इस मैपिंग एप का नाम सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि आतंकवादियों ने नेविगेशन के लिए इस एप का इस्तेमाल किया। आइए समझते हैं कि यह एप कैसे काम करता है और पहले किस तरीके से इसका गलत इस्तेमाल हुआ है।

    AlpineQuest GPS Hiking एक एंड्रॉयड एप है जिसे पर्वतारोहियों, ट्रैकर्स और एडवेंचर लवर्स के लिए बनाया गया था। इसके मुख्य फीचर्स में ऑफलाइन मैप्स है जो कि इसे खास बनाता है यानी बिना इंटरनेट भी आप ऑफलाइन भी मैप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस एप में रीयल टाइम लोकेशन ट्रैक करना, रूट प्लानिंग और वेपॉइंट सेविंग, टैरेन मैप्स और टोपोग्राफिक डिटेल्स जैसे फीचर्स शामिल है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है और वैध उपयोगकर्ताओं के लिए काफ़ी फायदेमंद माना जाता है।

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    हाल ही में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले को लेकर कहा जा रहा है कि मुमकिन है आतंकियों ने AlpineQuest एप का इस्तेमाल किया हो, क्योंकि यह ऑफलाइन काम करता है। ऐसे में आतंकियों के लिए यह परफेक्ट एप था क्योंकि उस इलाके में नेटवर्क की दिक्कत रहती है और ऑफलाइन होने के कारण ट्रैकिंग भी नहीं हो सकती है।

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