Ukraine-Russia: मैदान की लड़ाई हैकिंग में बदली, यूक्रेन की जासूसी के लिए रूस ने हैक किए ये दो मैसेजिंग एप
Microsoft की एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि रूसी हैकर समूह Star Blizzard (UNC4057) WhatsApp अकाउंट्स को भी इसी तरीके से हैक करने की कोशिश कर रहा है। Google ने कहा कि हैकर्स लगातार सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को भेदने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं, जिससे यूजर्स की गोपनीयता को बड़ा खतरा हो सकता है।

विस्तार
रूसी राज्य समर्थित साइबर हमलावर यूक्रेनी सैन्य और सरकारी अधिकारियों की जासूसी करने के लिए उनके सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशन, जैसे Signal Messenger और WhatsApp को निशाना बना रहे हैं। Google ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में इस खुलासे को किया है। हैकर्स Signal के "Linked Devices" फीचर का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो एक ही अकाउंट को एक से अधिक डिवाइस पर इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।
- कैसे हो रहा है यह साइबर अटैक?
- आमतौर पर, नया डिवाइस लिंक करने के लिए एक QR कोड स्कैन करना पड़ता है।
- हैकर्स फर्जी QR कोड बनाकर इसे Signal के ग्रुप इनवाइट या डिवाइस-पेयरिंग निर्देशों के रूप में पेश कर रहे हैं।
- यदि कोई पीड़ित इस QR कोड को स्कैन करता है, तो उसका अकाउंट हैकर्स के डिवाइस से जुड़ जाता है।
- इसके बाद, सभी नए मैसेज एक साथ पीड़ित और हमलावर, दोनों को मिलते हैं, जिससे हमलावर बिना किसी डिवाइस एक्सेस के संवेदनशील चैट पढ़ सकते हैं।
Google की रिपोर्ट के मुताबिक, ये QR कोड अक्सर Signal की आधिकारिक वेबसाइट से मिलते-जुलते फिशिंग पेजों पर एम्बेड किए जाते हैं। इसके अलावा, यूक्रेनी सैनिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले "Kropyva" जैसे विशेष सैन्य एप्स की नकल करके भी इन्हें फैलाया जा रहा है।