OpenAI: ओपनएआई ने लॉन्च किया नया एआई टूल, अब चैटजीपीटी ट्रांसलेशन करेगा 50 से ज्यादा भाषाओं में होगा अनुवाद
AI Translation in Indian Languages: ओपनएआई ने गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देने के लिए चैटजीपीटी ट्रांसलेट पेश किया है। ये टूल न केवल अनुवाद करता है, बल्कि यूजर की जरूरत के अनुसार कंटेंट के टोन (फॉर्मल, कैजुअल या सरल) को भी बदल सकता है। जानें इस नए फीचर के बारे में विस्तार से...

विस्तार
एआई जगत की दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने चैटजीपीटी ट्रांसलेट नाम से एक नया एआई आधारित ट्रांसलेशन टूल लॉन्च किया है। ये टूल सिर्फ अनुवाद नहीं, बल्कि संदर्भ भी समझाता हो। यानी की यूजर के कंटेंट के उद्देश्य और ऑडियंस के हिसाब से भाषा को ढाल सकता है।
इसकी खासियत क्या है?
इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसका कस्टमाइजेशन फीचर है। जहां गूगल ट्रांसलेट एक स्थिर परिणाम देता हैं, वहीं ChatGPT Translate यूजर को अनुवाद को री-शेप करने की अनुमति देता है। जैसे बिजनेस के लिए आप किसी लेख को अत्यंत औपचारिक बना सकते हैं। बच्चों के लिए जटिल पैराग्राफ को सरल और बोधगम्य भाषा में बदल सकते हैं और क्रिएटिविटी की बात करें तो आप इसे निर्देश देकर ये भी बता सकते हैं कि अनुवाद का लहजा कैसा होना चाहिए।
कौन-कौन भाषाओं का होता है अनुवाद?
डिजिटल इंडिया के विस्तार को देखते हुए इसमें हिंदी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तमिल, तेलुगु और उर्दू जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं का मजबूत सपोर्ट दिया गया है। कुल 50 भाषाओं के साथ ये टूल भाषाई बाधाओं को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
गूगल ट्रांसलेटर से कितना अलग है?
इंटरफेस के मामले में ये गूगल ट्रांसलेट के समान टू-बॉक्स लेआउट पर आधारित है, लेकिन इसकी कार्यक्षमता इसे अलग बनाती है। जैसे इसमें डायनामिक फीडबैक से अनुवाद के बाद एआई से संवाद कर उसे सुधारा जा सकता हैं। मल्टी-मोडल सपोर्ट उपलब्ध है, जिससे टेक्स्ट के साथ वॉइस और आगामी दिनों में इमेज ट्रांसलेशन की सुविधा भी मिलेगी। इसी के साथ ये टूल ब्राउजर और एप दोनों पर आसानी से उपलब्ध होगा।