Android: एंड्रॉयड को भी मिलेगा iOS जैसा यूनिफाइड कॉल लॉग, डायलर में ही दिखेंगी व्हाट्सएप और टेलीग्राम कॉल्स
Android Unified Calling:
गूगल जल्द ही एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक बेहतरीन अपडेट लाने वाला है। इस अपडेट में WhatsApp, Telegram और Signal जैसी एप्स की इंटरनेट कॉल्स सीधे आपके फोन के डिफॉल्ट डायलर यानी फोन एप में दिखाई देंगी। इस फीचर के आने से मिस्ड कॉल चेक करने या कॉल-बैक करने के लिए बार-बार अलग-अलग एप खोलने का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इससे न सिर्फ आपका कॉलिंग एक्सपीरियंस आईफोन जैसा स्मूद होगा, बल्कि प्राइवेसी का पूरा कंट्रोल भी आपके ही हाथों में रहेगा।

विस्तार
गूगल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचर लेकर आ रहा है, जिसका वर्षों से इंतजार था। जल्द ही आपको अपने फोन के डिफॉल्ट डायलर (Phone App) में ही व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसी एप्स की इंटरनेट कॉल्स (VoIP) की डिटेल देखने को मिलेगी। यह अपडेट सुनने में भले ही छोटा लगे, लेकिन यह एंड्रॉयड यूजर्स की अलग-अलग एप्स में कॉल मैनेज करने का झंझट को खत्म कर देगा।बार-बार एप बदलने का झंझट होगा खत्मअब तक एंड्रॉयड यूजर्स के लिए कॉलिंग का अनुभव दो हिस्सों में बंटा हुआ था। एक तरफ वे नॉर्मल कॉल्स थीं जो सिम कार्ड के जरिए आती हैं और सीधे फोन के डायलर में दिखती हैं तो दूसरी तरफ व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसी एप्स की इंटरनेट कॉल्स (VoIP)। इन्हें देखने के लिए संबंधित एप को खोलना अनिवार्य था।
यह अनुभव आज के समय में काफी परेशानी भरा हो गया है। क्योंकि अधिकतर लोग अब सामान्य कॉल्स से ज्यादा इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं। स्थिति यह है कि अगर आपसे व्हाट्सएप पर कोई कॉल मिस हो जाए तो उसे चेक करने या वापस कॉल करने के लिए आपको बार-बार अलग-अलग एप्स के बीच स्विच करना पड़ता है। गूगल का यह नया अपडेट इसी बिखरे हुए अनुभव को खत्म कर कॉलिंग को एक ही जगह पर लाकर यूजर्स के इस दैनिक झंझट को हमेशा के लिए दूर कर देगा।नए अपडेट से बदल जाएगा आपका कॉलिंग अनुभवइस नए इंटिग्रेशन के आने के बाद आपका कॉलिंग अनुभव पूरी तरह से बदल जाएगा और काफी सुविधाजनक हो जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यूनिफाइड कॉल लॉग के रूप में देखने को मिलेगा। यहां आपकी सिम से आने वाली नॉर्मल कॉल्स और इंटरनेट कॉल्स, दोनों एक ही लिस्ट में दिखाई देंगी। इससे आपको मिस्ड कॉल या हालिया कॉल्स चेक करने के लिए बार-बार अलग-अलग एप्स खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इतना ही नहीं, अब आप सीधे फोन के डिफॉल्ट डायलर से ही टेलीग्राम या सिग्नल जैसी एप्स पर कॉल-बैक कर सकेंगे। इससे आपको बार-बार एप के भीतर जाने की मशक्कत नहीं करनी होगी। कुल मिलाकर, यह बदलाव उन लोगों के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो ऑफिस, परिवार और दोस्तों से बात करने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हैं। यह फीचर न केवल कॉल्स मैनेज करना बहुत आसान बना देगा, बल्कि आपका कीमती समय भी बचाएगा।अब मिलेगा आईफोन जैसा एक्सपीरियंसयह नया बदलाव एंड्रॉयड को आईफोन (आईओएस) के कॉलिंग एक्सपीरियंस के काफी करीब ले आएगा। आईफोन में एपल के कॉलकिट की मदद से इंटरनेट कॉल्स बिल्कुल नॉर्मल फोन कॉल्स की तरह ही काम करती हैं। एंड्रॉयड यूजर्स वर्षों से अपने फोन में इसी तरह के स्मूद एक्सपीरियंस की मांग कर रहे थे, जिसे गूगल अब पूरा करने जा रहा है।
प्राइवेसी और सुरक्षा का पूरा ख्याल
चूंकि इस नए फीचर में थर्ड-पार्टी एप्स का इंटिग्रेशन शामिल है, इसलिए गूगल ने प्राइवेसी को सर्वोपरि रखा है। यह पूरी तरह से यूजर के कंट्रोल में होगा कि वे किन एप्स को अपने मेन डायलर के साथ जोड़ना चाहते हैं। इसके लिए यूजर्स को खुद परमिशन देनी होगी, जिससे अनचाहे डेटा शेयरिंग का कोई खतरा नहीं रहेगा।
साथ ही, यदि आप अपनी किसी खास एप, जैसे कि व्हाट्सएप की कॉल्स को मुख्य डायलर से अलग रखना चाहते हैं तो आपके पास इसे बंद करने या अपनी प्राथमिकता के अनुसार सेट करने का पूरा विकल्प मौजूद होगा।कौन-से एप्स करेंगे सपोर्ट?शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया फीचर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे लोकप्रिय कम्युनिकेशन प्लैटफॉर्म्स के साथ काम करना शुरू करेगा। हालांकि, यह पूरी तरह से एप डेवलपर्स पर निर्भर करेगा कि वे अपने एप्स को गूगल के इस नए टेलीकॉम फ्रेमवर्क के साथ कैसे अपडेट और इंटिग्रेट करते हैं। भविष्य में, जैसे-जैसे यह सिस्टम अधिक परिपक्व होगा, उम्मीद है कि अन्य प्रमुख इंटरनेट कॉलिंग एप्स भी इसका हिस्सा बन जाएंगे, जिससे आपका कॉलिंग अनुभव और भी व्यापक और एकीकृत हो जाएगा।