WhatsApp की प्राइवेसी पर घमासान: एलन मस्क बोले- 'भरोसे लायक नहीं व्हाट्सएप', Meta ने आरोपों को बताया बेतुका

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Fri, 10 Apr 2026 11:50 AM IST
सार

WhatsApp Privacy Controversy:

एलन मस्क और टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पर बड़ा हमला बोला है। मस्क ने इसे अविश्वसनीय बताया, वहीं ड्यूरोव ने इसे 'इतिहास का सबसे बड़ा धोखा' कहा। दूसरी तरफ, मेटा ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेतुका बताते हुए अपना बचाव किया है।

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मस्क ने व्हाट्सएप की - फोटो : Freepik

    विस्तार

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के मालिक एलन मस्क ने एक बार फिर मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग एप व्हाट्सएप की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को मस्क ने एक्स पर साफ शब्दों में कहा कि "व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता।" मस्क की यह टिप्पणी अमेरिका में दायर एक नए क्लास-एक्शन मुकदमे के बाद आई है।

    इस मुकदमे में दावा किया गया है कि व्हाट्सएप अपने 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' के दावों के बावजूद यूजर्स के निजी संदेशों को बीच में ही रोकता है और उन्हें एक्सेंचर (Accenture) जैसे तीसरे पक्षों के साथ साझा करता है। मस्क ने इस मौके का फायदा उठाते हुए यूजर्स को 'X चैट' इस्तेमाल करने की सलाह दी और दावा किया कि वहां उन्हें असली प्राइवेसी मिलती है।

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    टेलीग्राम चीफ पावेल ड्यूरोव ने भी उठाए सवाल

    सिर्फ एलन मस्क ही नहीं, टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव ने भी व्हाट्सएप पर जमकर निशाना साधा। ड्यूरोव ने इसे 'इतिहास का सबसे बड़ा उपभोक्ता धोखा' करार देते हुए कहा कि व्हाट्सएप अरबों यूजर्स को बेवकूफ बना रहा है।

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    उनके अनुसार, व्हाट्सएप का एन्क्रिप्शन सिर्फ दिखावा है और यह असल में यूजर्स के मैसेज पढ़कर उन्हें थर्ड पार्टी के साथ शेयर करता है। ड्यूरोव ने गर्व से कहा कि टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया है और न ही कभी करेगा। इन आरोपों ने टेक जगत में प्राइवेसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    मेटा ने आरोपों पर दी सफाई

    इन गंभीर आरोपों पर मेटा (Meta) ने भी चुप्पी तोड़ते हुए इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। मेटा के प्रवक्ता ने मुकदमे के दावों को पूरी तरह से 'बेतुका और गलत' बताया। कंपनी ने सफाई दी कि व्हाट्सएप पिछले एक दशक से 'सिग्नल प्रोटोकॉल' का इस्तेमाल कर रहा है, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुनिश्चित करता है। इसका मतलब है कि भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के अलावा कोई भी, यहां तक कि खुद व्हाट्सएप भी इन संदेशों को नहीं पढ़ सकता। मेटा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

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