आईएमसी 2026: सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद कराएगा 'भारत संदेश एप', विदेशी दखल से होगा दूर, कैसे करेगा काम?
Bharat Sandesh App: सरकार और आम लोगों के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए भारत संदेश नाम का स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पेश किया गया है। इसमें स्थानीय भाषाओं में मैसेज, वॉइस और एआई चैटबॉट के जरिए जवाब देने की सुविधा होगी। एप को बनाने वाली कंपनी ने डेटा सुरक्षा और विदेशी नियंत्रण से आजादी का भी दावा किया है।

विस्तार
सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचे और लोग अपनी राय भी सीधे सरकार तक पहुंचा सकें, तो सरकारी सेवाओं से जुड़ना आसान हो सकता है। इसी दिशा में भारत संदेश एप (Bharat Sandesh App) नाम का एक स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सामने आया है। इसे इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में प्रदर्शित किया गया। इस प्लेटफॉर्म को सरकार और आम जनता के बीच दोतरफा संवाद के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ डेटा की सुरक्षा और विदेशी नियंत्रण से आजादी को लेकर भी कई दावे किए गए हैं।
क्या है भारत संदेश एप?
- भारत संदेश एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे ViH मैसेंजर ने तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक, यह बीएसएनएल के नेटवर्क पर काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और दूसरी जरूरी जानकारियों को नागरिकों तक पहुंचाना और उनसे फीडबैक लेना है।
- इसकी खास बात यह है कि यह सिर्फ सरकार की तरफ से संदेश भेजने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए नागरिक भी सवालों के जवाब दे सकेंगे और अपनी राय साझा कर सकेंगे। इससे सरकारी कार्यक्रमों को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया जुटाने में मदद मिल सकती है।
अपनी भाषा में दे सकेंगे जवाब
- भारत संदेश में स्थानीय भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। यूजर टेक्स्ट मैसेज, वॉइस और एआई असिस्टेंट चैटबॉट के जरिए जवाब दे सकेंगे। इससे उन लोगों के लिए भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आसान हो सकता है, जो अंग्रेजी में संवाद करने में सहज नहीं हैं।
- मसलन, किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी साझा किए जाने पर नागरिक अपनी भाषा में प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इस तरह सरकार को अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की राय समझने में मदद मिल सकती है।
विदेशी नियंत्रण नहीं होने का दावा
इस प्लेटफॉर्म को पूरी तरह स्वदेशी डिजिटल समाधान के तौर पर पेश किया गया है। इसके पीछे दावा है कि भारत संदेश पर किसी विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं है और इसमें विदेशी एल्गोरिदम का दखल नहीं है।
इसके अलावा, दावा किया गया है कि यूजर्स का डेटा भारत में ही रहेगा और भारतीय कानूनों के तहत आएगा। प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई भी देश के भीतर रहने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि और डेटा प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
एंड-टु-एंड एन्क्रिप्शन भी मिलेगा
- भारत संदेश में एंड-टु-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा होने का दावा किया गया है। इस तकनीक का उद्देश्य बातचीत को इस तरह सुरक्षित रखना है कि संदेश केवल संबंधित बातचीत करने वाले लोगों के लिए पढ़ने योग्य हों।
- प्लेटफॉर्म की सोच को डिजिटल भुगतान में यूपीआई की भूमिका से भी जोड़ा गया है। जिस तरह यूपीआई ने देश में डिजिटल लेनदेन के लिए घरेलू विकल्प को मजबूत किया, उसी तरह भारत संदेश मैसेजिंग के क्षेत्र में स्वदेशी विकल्प देने की दिशा में कदम हो सकता है।
भारत संदेश एप कब होगा उपलब्ध?
भारत संदेश को फिलहाल नई दिल्ली में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में प्रदर्शित किया गया है। आम यूजर्स इसे कब और कहां से डाउनलोड कर सकेंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसकी उपलब्धता, सभी फीचर्स और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है।
अगर प्लेटफॉर्म अपने बताए गए फीचर्स और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है, तो यह सरकार और नागरिकों के बीच डिजिटल संवाद का एक नया माध्यम बन सकता है।
- आईएमसी 2026: एआई चश्मे से लेकर स्वदेशी ‘विहान’ चिप तक, इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिखा टेक्नोलॉजी का जलवा
- आईएमसी 2026: 6 लाख गांवों में बिना केबल इंटरनेट पहुंचाएगी जियो, अंतरिक्ष में भेजेगी 1600 सैटेलाइट
- 7000mAh बैटरी और रिवर्स चार्जिंग: मोटोरोला ने उतारा मोटो जी37 पावर का नया वेरिएंट, जानिए कीमत और फीचर्स