Claude AI: एंथ्रोपिक ने क्लाउड एआई के लिए लॉन्च किए नए प्लग-इन्स, HR और फाइनेंस का काम होगा ऑटोमेट
Claude AI:
एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने 'क्लाउड' एआई को एक बड़ा अपडेट दिया है। अब ये सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं बल्कि ऑफिस के काम को ऑटोमेट करने वाला स्मार्ट 'एआई एजेंट' बन गया है। इसके जरिए HR, बैंकिंग और फाइनेंस जैसे कामों को एक कमांड पर ऑटोमेट किया जा सकेगा। गूगल वर्कस्पेस और स्लैक जैसे टूल्स से सीधे जुड़कर ये काम की स्पीड बढ़ाएगा।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने एआई मॉडल क्लाउड के लिए कुछ नए और दमदार प्लग-इन्स लॉन्च किए हैं। इनका सीधा मकसद कंपनियों के अलग-अलग विभागों जैसे HR, बैंकिंग, फाइनेंस और रिसर्च के काम को आसान और ऑटोमेटिक बनाना है। अब क्लाउड सिर्फ एक आम चैटबॉट नहीं रह गया है। अब ये कंपनियों के लिए एक स्मार्ट 'एआई एजेंट' की तरह काम करेगा जो सीधे आपके बिजनेस टूल्स से जुड़ जाएगा।
काम करने का तरीका कैसे बदलेगा?
पहले आपको एआई से कुछ लिखवाकर उसे कॉपी करके दूसरे सॉफ्टवेयर में पेस्ट करना पड़ता था। लेकिन नए अपडेट के बाद, कर्मचारियों को ये झंझट नहीं करना पड़ेगा। क्लाउड अब आपके मौजूदा वर्कफ्लो (जैसे ईमेल या डॉक्यूमेंट्स) के अंदर रहकर ही काम करेगा।
किन विभागों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
एंथ्रोपिक ने खास तौर पर अलग-अलग जॉब रोल के लिए रेडी-मेड प्लग-इन्स बनाए हैं:
- HR टीम के लिए:कर्मचारियों के ऑफर लेटर ड्राफ्ट करना, ऑनबोर्डिंग (जॉइनिंग) डॉक्यूमेंट्स तैयार करना और परफॉर्मेंस रिव्यू लिखना।
- बैंकिंग और फाइनेंस के लिए:बड़ी डील्स के डॉक्यूमेंट्स को पढ़ना, पोर्टफोलियो का एनालिसिस करना और रिसर्च नोट्स तैयार करने में मदद करना।
बड़ी कंपनियों का मिला साथ
इस नई सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए एंथ्रोपिक ने कई जानी-मानी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है:
- डेवलपमेंट पार्टनर्स:LSEG, फैक्टसेट, स्लैक और डॉक्यूसाइन के साथ मिलकर इन्हें तैयार किया गया है।
- आसान इंटीग्रेशन:एंटरप्राइज कंपनियों के काम को और आसान बनाने के लिए क्लाउड को गूगल वर्कस्पेस और स्लैक जैसे रोजमर्रा के टूल्स के साथ भी जोड़ा जा रहा है।
- शुरुआती यूजर्स:थॉमसन रॉयटर्स और RBC वेल्थ मैनेजमेंट जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इन क्लाउड-पावर्ड एआई एजेंट्स का इस्तेमाल कर रही हैं।
खुद का 'प्राइवेट मार्केटप्लेस' और कस्टम प्लग-इन्स
कंपनियों की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एंथ्रोपिक ने एक नया डैशबोर्ड भी पेश किया है:
- प्राइवेट मार्केटप्लेस:संगठन अपने खुद के प्राइवेट एप स्टोर जैसी जगह बना सकते हैं, ताकि यह कंट्रोल किया जा सके कि किस टीम को कौन-सा एआई टूल इस्तेमाल करने देना है।
- कस्टम प्लग-इन्स:अगर किसी बिजनेस की जरूरतें अलग हैं तो वे अपने इंटरनल डेटा और विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके खुद के कस्टम प्लग-इन्स भी बना सकती हैं।
बाजार पर असर: सॉफ्टवेयर कंपनियों में क्यों था डर?
यह बड़ी घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कुछ हफ्ते पहले ही एंथ्रोपिक के एक 'लीगल टूल' के लॉन्च होने से शेयर बाजार में हड़कंप मच गया था। उस वक्त निवेशकों को डर सताने लगा था कि एआई के तेजी से बढ़ने से पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों का बिजनेस ठप हो सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डर की वजह से महज छह दिनों में दुनिया भर के सॉफ्टवेयर शेयर्स में लगभग 830 अरब डॉलर की भारी बिकवाली देखी गई थी। हालांकि, गूगल और अमेजन के सपोर्ट वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने साफ किया है कि उनका मकसद कर्मचारियों की जगह लेना नहीं है बल्कि एआई की मदद से उनके काम को और बेहतर तरीके से सपोर्ट करना है।