Amazon पर बड़ा आरोप: प्राइम वीडियो का सब्सक्रिप्शन लेने के बाद भी दिखाए विज्ञापन, कोर्ट में घिर गई कंपनी!

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीेSuyash Pandey
Wed, 01 Jul 2026 12:09 PM IST
सार

Legal Action Against Prime Video Advertising:

ऑस्ट्रेलिया में अमेजन वीडियो पर विज्ञापन दिखाने और एड-फ्री अनुभव के लिए ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के आरोप में अमेजन के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज हुआ है। उपभोक्ता संस्था ACCC का दावा है कि इस फैसले से 10 लाख से ज्यादा प्राइम सदस्य प्रभावित हुए। जानिए पूरा मामला और अमेजन का जवाब।

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Amazon Faces Lawsuit in Australia Over Prime Video Ads and Extra Charges for Ad-Free Streaming
Prime Video यूजर्स के साथ धोखा? - फोटो : एआई

    विस्तार

    ई-कॉमर्स और स्ट्रीमिंग दिग्गज अमेजन की मुश्किलें ऑस्ट्रेलिया में बढ़ गई हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने ग्राहकों के साथ धोखा करते हुए प्राइम वीडियो में विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिया और उन एड्स को हटाने के लिए ग्राहकों से एक्स्ट्रा पैसे वसूले। इस मामले को लेकर ऑस्ट्रेलिया के कंज्यूमर वॉचडॉग ने अमेजन के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कर दिया है। आइए समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और अमेजन पर क्यों आरोप लग रहे हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल, साल 2024 में अमेजन ने अपने प्राइम वीडियो प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया की कंज्यूमर रेगुलेटर संस्था ACCC (ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग) का कहना है कि जिन ग्राहकों ने पहले ही पूरे साल का प्राइम सब्सक्रिप्शन ले रखा था, उन्हें भी अचानक विज्ञापन वाले वीडियो दिखाए जाने लगे।

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    • एक्स्ट्रा पैसों की मांग:अगर किसी ग्राहक को पहले की तरह बिना विज्ञापन के फिल्में या सीरीज देखनी थीं, तो अमेजन ने उनसे हर महीने A$2.99 (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) एक्स्ट्रा देने को कहा।
    • ग्राहकों का नुकसान:यह उन ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका था, जिन्होंने पहले ही पूरे साल के लिए A$79 का भुगतान कर दिया था।

    रेगुलेटर (ACCC) के मुख्य आरोप क्या हैं?

    ACCC ने फेडरल कोर्ट में अमेजन के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

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    • गलत शर्तें:अमेजन ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में ऐसी शर्तें जोड़ीं, जिससे वह जब चाहे बिना ग्राहकों को रिफंड दिए अपनी सर्विस में बड़े बदलाव कर सके।
    • 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित:इस फैसले से नवंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच 10 लाख से ज्यादा सालाना प्राइम सब्सक्राइबर्स प्रभावित हुए।
    • घटिया सर्विस:रेगुलेटर का तर्क है कि जब 8.5 लाख से ज्यादा लोग पहले ही साल भर का एडवांस पैसा दे चुके थे, तो उन्हें बीच में ही विज्ञापन दिखाकर एक तरह से डाउनग्रेडेड सर्विस दी गई।
    • जुर्माने की मांग:ACCC ने कोर्ट से अमेजन पर भारी जुर्माना लगाने और ग्राहकों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

    इस मामले पर अमेजन का क्या कहना है?

    इस विवाद पर अमेजन ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि कंपनी ACCC के जरिए दर्ज किए गए मामले की बारीकी से समीक्षा कर रही है। कंपनी का यह भी दावा है कि उन्होंने इस पूरी जांच के दौरान रेगुलेटर के साथ पूरा सहयोग किया है।

    टेक ज्ञान

    आपको बता दें कि प्राइम वीडियो पिछले एक दशक से ज्यादा समय से ग्राहकों को एकदम एड-फ्री सर्विस दे रहा था। प्राइम मेंबरशिप के तहत यूजर्स को शॉपिंग में फास्ट डिलीवरी और एंटरटेनमेंट मिलता है। लेकिन साल 2024 की शुरुआत में, अमेजन ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए दुनिया के कई देशों में प्राइम वीडियो पर विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिया है।

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