हैकर्स का नया हथियार बना 'क्रिप्टोजैकिंग', क्रिप्टोकरंसी की जानकारी चुरा रहे हैकर्स

क्या आपका स्मार्टफोन अचानक धीमा, गरम होता जाता है या बिना किसी कारण के बैटरी कम हो जाती है? अगर हां, तो हो सकता है कि हैकर्स इसका इस्तेमाल क्रिप्टोकरंटी माइनिंग के लिए कर रहे हों। यह एक नए तरह का साइबर हमला है, जिसे सुरक्षा विशेषज्ञ ‘क्रिप्टोजैकिंग’ कहते हैं।
आईटी एक्सपर्ट जेरोम बिलिस के मुताबिक, क्रिप्टोजैकिंग में इंटरनेट सर्वर, निजी कंप्यूटर या फिर स्मार्टफोन में मैलवेयर इंस्टाल कर क्रिप्टोकंरसी की माइनिंग की जाती है। क्रिप्टोकरंटी (आभासी मुद्रा) के लेनदेन की प्रक्रिया की जानकारी चुराने को माइनिंग कहते हैं। यह जानकारी देने के बदले हैकर्स को मोटी रकम मिलती है।
बिलिस कहते हैं कि बिटक्वाइन, एथेरियम, मोनेरो और अन्य आभासी मुद्राओं की माइनिंग मुनाफे का सौदा है, लेकिन इसमें काफी खर्च होता है और बिजली का बिल भी बहुत आता है। लेकिन हैकर्स ने स्मार्टफोन के जरिये सस्ता विकल्प ढूंढ लिया है।
मोबाइल गेम्स से बना रहे निशाना:
आईटी सुरक्षा कंपनी ईएसईटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, हाल ही में हमने पाया कि बग स्मैशर गेम, जिसे गूगल प्ले स्टोर से 15 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया था, के जरिये क्रिप्टोकरंसी मोनेरो की माइनिंग की जा रही थी।
एंड्रायड फोन पर खतरा ज्यादा :
क्रिप्टोजैकिंग एंड्रायड स्मार्टफोन पर खतरा ज्यादा होता है। एप्पल अपने फोन में इंस्टाल होने वाले एप को ज्यादा नियंत्रित करता है, इसलिए हैकर्स आईफोन को कम निशाना बनाते हैं। हाल ही में गूगल ने भी अपने एप स्टोर गूगल प्ले से संदेहास्पद एप हटाए थे और कहा था कि वह ऐसे किसी एप को स्वीकार नहीं करेगा, जो उसके प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरंसी की माइनिंग में लिप्त होंगे।
बचने के लिए यह कदम उठाएं :
साइबर एक्सपर्ट लॉरेंट पेट्रोक के मुताबिक, अपने स्मार्टफोन को क्रिप्टोजैकिंग से बचाने के लिए एंटीवायरस प्रोग्राम इंस्टाल करने के अलावा एंड्रायड फोन में नवीनतम ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें। साथ ही गैर आधिकारिक स्रोत से कोई भी एप डाउनलोड करने से बचें।