Google Warning: आईफोन यूजर्स को शिकार बना रहा है 'डार्कस्वोर्ड' मैलवेयर, एक क्लिक से चोरी हो सकता है डेटा

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Thu, 19 Mar 2026 12:50 PM IST
सार

Darksword malware iPhone:

गूगल ने आईफोन यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। 'डार्कस्वोर्ड' नाम का एक नया और खतरनाक मैलवेयर सामने आया है। ये केवल एक अनजान वेबसाइट खोलने भर से आपके फोन का पर्सनल डेटा, चैट और क्रिप्टोकरेंसी डिटेल्स चुरा सकता है। जानिए यह साइलेंट हैकिंग कैसे होती है और आप अपने फोन को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

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Google Warns of ‘Darksword’ Malware Targeting iPhones: How It Steals Data and How to Stay Safe
गूगल ने आईफोन यूजर्स को संभावित मैलवेयर के बारे में चेताया - फोटो : एआई

    विस्तार

    गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप (GTIG) ने एक ऐसे खतरनाक मैलवेयर का पता लगाया है, जो दुनियाभर के आईफोन यूजर्स को अपना शिकार बना रहा है। गूगल ने इस हमले को 'डार्कस्वोर्ड' नाम दिया है। यह मैलवेयर इतना एडवांस है कि किसी खतरनाक वेबसाइट पर जाने मात्र से ही आपका निजी डेटा चोरी हो सकता है। आइए समझते हैं कि यह मैलवेयर क्या है, कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

    क्या है डार्कस्वोर्ड और यह कैसे काम करता है?

    इस मैलवेयर के काम करने का तरीका बहुत ही सीधा लेकिन बेहद खतरनाक है। अगर आप अपने आईफोन पर गलती से भी किसी संक्रमित वेबसाइट को खोल लेते हैं तो पेज लोड होते ही यह स्पाईवेयर बैकग्राउंड में आपका डेटा चुराना शुरू कर देता है। सबसे डराने वाली बात यह है कि यह न तो आपसे कोई अनुमति मांगता है और न ही कोई वॉर्निंग देता है। यह सब कुछ इतनी शांति और तेजी से होता है कि यूजर को भनक तक नहीं लगती कि उसका फोन हैक हो चुका है।

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    इस हमले के पीछे कौन है?

    गूगल और अन्य सिक्योरिटी कंपनियों की रिसर्च के मुताबिक, इस मैलवेयर के तार यूक्रेन से जुड़े हैं। इस हमले के पीछे UNC6353 नाम के एक हैकर ग्रुप का हाथ माना जा रहा है। इन हैकर्स का मुख्य मकसद आपके फोन में लंबे समय तक टिके रहना नहीं है, बल्कि तेजी से डेटा चुराना और फिर अपने सारे निशान मिटा कर गायब हो जाना है।

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    कौन से आईफोन हैं सबसे ज्यादा खतरे में?

    गूगल की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैलवेयर एपल के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाता है। इसलिए, जिन यूजर्स के आईफोन आईओएस 18.4 से लेकर आईओएस 18.7 पर काम कर रहे हैं, उन पर इसका सबसे ज्यादा खतरा है।

    हैकर्स क्या-क्या चुरा सकते हैं?

    यह डार्कस्वोर्ड मालवेयर आपके फोन में सेंध लगाकर बेहद संवेदनशील और निजी जानकारी पल भर में चुरा सकता है। एक बार फोन में एक्टिव होने के बाद, यह आपके सेव किए गए पासवर्ड्स, गैलरी की फोटो और इंटरनेट की ब्राउजर हिस्ट्री तक आसानी से पहुंच बना लेता है। बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। यह मालवेयर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप्स के आपके प्राइवेट मैसेज भी निकाल सकता है। यहां तक कि कुछ मामलों में यह आपके क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की डिटेल्स चुराने में भी पूरी तरह सक्षम है। साफ शब्दों में कहें तो, हैकर्स का यह हमला सिर्फ आपकी जासूसी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए आपको भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने की भी साजिश रची जा रही है।

    यह इतना खतरनाक क्यों है?

    गूगल के ब्लॉग के अनुसार, ये 'कोरोना एक्सप्लॉइट किट' नाम के एक पुराने टूलकिट से मिलता-जुलता है। यह 'फाइललेस मेथड' का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि यह आपके फोन में कोई नई एप या फाइल डाउनलोड नहीं करता। इसके बजाय, ये फोन में पहले से मौजूद टूल्स का ही इस्तेमाल करके डेटा चुराता है और फिर अपने सारे निशान खुद मिटा देता है। अगर आप अपना फोन रीस्टार्ट भी कर लें तो इस हैकिंग को पकड़ पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

    खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

    इस खतरनाक मालवेयर से बचने के लिए आपको तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर चेक करें कि कोई नया अपडेट उपलब्ध है या नहीं, और अपने डिवाइस को तुरंत लेटेस्ट आईओएस वर्जन पर अपडेट कर लें। अगर किसी तकनीकी वजह से आप फिलहाल अपना फोन अपडेट नहीं कर पा रहे हैं, तो अपनी सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर 'लॉकडाउन मोड' को ऑन कर लें, क्योंकि यह आपके फोन की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा देता है। इसके साथ ही, इंटरनेट ब्राउजिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध या अनजान वेबसाइट के लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।

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