AI: जिस काम को करने में Google को लग गए एक साल, एआई ने 1 घंटे में निपटा डाला! इंजीनियर हुए हैरान

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Mon, 05 Jan 2026 02:03 PM IST
सार

गूगल की प्रिंसिपल इंजीनियर जाना डोगन ने बताया कि एंथ्रोपिक के टूल 'क्लाउड कोड' ने सिर्फ एक घंटे में ऐसा डिस्ट्रीब्यूटेड एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम तैयार कर दिया, जिसे समझने और डिजाइन करने में उनकी टीम को लगभग एक साल लगा था।

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Google Engineer Claims Anthropic’s Claude Built in 1 Hour What Took Her Team a Year
Claude AI (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Claude AI

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया कितनी तेजी से बदल रही है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण हाल ही में सामने आया है। गूगल की एक प्रिंसिपल इंजीनियर जाना डोगन ने खुलासा किया है कि एंथ्रोपिक के नए टूल 'Claude Code' ने मात्र एक घंटे में वो काम कर दिखाया, जिसे समझने और बनाने में उनकी टीम को लगभग एक साल का समय लगा था।

    किस प्रोजेक्ट में हुआ ये कमाल?

    जाना डोगन गूगल में डेवलपर प्लेटफॉर्म से संबंधित कामों का नेतृत्व करती हैं। उन्होंने बताया कि 'Claude Code' को एक जटिल समस्या हल करने के लिए दिया गया था। यह काम एक 'डिस्ट्रीब्यूटेड एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम' बनाने से जुड़ा था। यह एक ऐसा सिस्टम है जो कई एआई एजेंट्स के बीच तालमेल बिठाता है ताकि वे मिलकर किसी कठिन समस्या को हल कर सकें। डोगन के अनुसार, गूगल की टीम पिछले एक साल से इस सिस्टम के अलग-अलग पहलुओं और डिजाइनों पर विचार कर रही थी।

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    मात्र एक घंटे में किया करिश्मा

    डोगन ने इस टूल को कोई विस्तृत निर्देश (डिटेल्ड स्पेसिफिकेशन) देने के बजाय केवल कुछ पैराग्राफ का एक उच्च-स्तरीय विवरण दिया। जिसके परिणाम हैरान करने वाले थे। मात्र एक घंटे के भीतर, Claude ने एक काम करने लायक वर्जन तैयार कर दिया। यह वर्जन काफी हद तक उसी दिशा में था जिस पर गूगल की टीम साल भर से चर्चा कर रही थी। डोगन ने विशेष रूप से Claude के जरिए चुने गए डिजाइन विकल्पों और सुझावों की गुणवत्ता की सराहना की।

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    क्या एआई अब इंजीनियरों की जगह ले लेगा?

    हालांकि यह उपलब्धि बड़ी है, लेकिन डोगन ने इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण बातें भी स्पष्ट कीं। Claude के जरिए बनाया गया कोड सीधे 'प्रोडक्शन' के लिए तैयार नहीं था। यह एक 'टॉय वर्जन' या प्रोटोटाइप की तरह था, जिसे आधार बनाकर आगे काम किया जा सकता है। डोगन का मानना है कि जटिल सिस्टम बनाने के लिए अभी भी इंसानी अनुभव की आवश्यकता है। ट्रेड-ऑफ को समझना और लंबे समय तक चलने वाले पैटर्न की पहचान करना केवल अनुभवी इंजीनियर ही कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के आंतरिक और गोपनीय कामों के लिए 'Claude Code' का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह प्रयोग केवल ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया गया था।

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