मोजों की बदबू से परेशान हैं? ये मोजे दिलाएंगे बदबू से छुटकारा

क्या आप अपने बदबूदार मोजों से परेशान हैं? तो अब टेंशन को कहिए बाय-बाय। एक शख्स ने ऐेसे मोजे बनाए हैं जो साल भर तो पहनने पर भी बदबू नहीं मारते हैं। ये हम नहीं कह रहे हैं, ये दावा इंग्लैंड के डेवोन काउंटी में एक किसान का है। डेलीमेल की खबर के मुताबिक स्टीव व्हिट्ली नाम के शख्स ने ऐसे मोजे बनाए हैं जो बदबू नहीं मारते और हमेशा पहनने लायक रहते हैं।
दुनिया में कम ही लोग ऐसे हैं जिनके पैरों से बदबू नहीं आती है। पैरों से आने वाली बदबू को चिकित्सा क्षेत्र में ब्रोमोडोसिस कहा जाता है जो कि एक बीमारी है। इसका सबसे बड़ा कारण है, पैरों से आने वाले पसीने का बैक्टीरिया के संपर्क में आना। बाजार में उपलब्ध बहुत से कॉटन मोजे भी इस समस्या में कारगर नहीं होते हैं। ज्यादा से ज्यादा दो या तीन दिन में मोजे बदलने ही पड़ते हैं।
65 वर्षीय व्हिटली जो कि खुद अपने बनाए मोजे पहनते हैं, बताते हैं कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके बनाए मोजे इतने खास हो जाएंगे। व्हिटली की मानें तो मोजे इंग्लैंड में पायी जाने वाली बकरी के बालों से बनाए जाते हैं। बकरियों के बाल चिकनी और रेशेदार ऊन की तरह होते हैं। व्हिटली का दावा है कि बकरियों के बाल बैक्टीरिया नहीं पकड़ते हैं। इसलिए इनके बने मोजे बिना धोए हुए साल भर तक भी पहने जा सकते हैं। वे हमेशा पैर को तरोताजा रखते हैं।
बिना धोए साल भर तक पहने जा सकते हैं ये मोजे

व्हिटली ने बकरी के बालों से बने इन मोजों से 'कोरीमूर मोहेयर ब्रांड' स्थापित किया है। पिछले काफी समय से इस ब्रांड के मोजों को बीयर ग्रिल्स, फिओना ब्रूस, क्लेयर बाल्डिंग, स्टीफन फ्राई जैसे सेलेब्रिटीज ने इस्तेमाल किया है और इसकी तारीफा में कसीदे भी जड़े हैं।
इन मोजों के मैटेरियल की वजह से ये आमतौर पर बाजार में मिलने वाले कॉटन के मोजों से थोड़े महंगे होते हैं। एक जोड़ा मोजे 9-10 पाउंड यानी 800 से 900 रुपये की कीमत के होते हैं।
मोजे देखने में खूबसूरत और कई रंगों में मिल जाते हैं जिससे ये आपके फैशन और लाइफस्टाइल के साथ भी मैच कर जाते हैं।
व्हिट्ली बताते हैं कि उन्हें एक महिला का खत मिला। महिला के पति ही हाल ही में मौत हो गई। लेकिन वो शख्स इन मोजों को पहनने का इतना आदी हो चुका था कि जब उसकी मौत हुई तो उसके साथ इन मोजों को भी दफनाया गया। उस शख्स ने ऐसी इच्छा जाहिर की थी।