Smartwatch: बेहोश होने से पहले वार्निंग देगी घड़ी, ये कंपनी तैयार कर रही नया स्मार्टवॉच
Samsung Galaxy Watch6:
क्या अब स्मार्टवॉच सिर्फ स्टेप्स गिनने या हार्ट रेट मापने तक सीमित नहीं रही? नई रिसर्च में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि एआई से लैस स्मार्टवॉच इंसान के बेहोश होने का खतरा 5 मिनट पहले तक पहचान सकती है। यानी आने वाले समय में आपकी कलाई पर बंधी घड़ी सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि आपकी जान बचाने में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है। जानिए इस स्टडी में हुए हैरान करने वाले खुलासे...

विस्तार
Samsung Galaxy Watch6 VVS Prediction:
सैमसंग के अनुसार एक अध्ययन में गैलेक्सी वॉच 6 की मदद से वासोवेगल सिंकोप (VVS) यानी अचानक होने वाली बेहोशी की भविष्यवाणी करने में सफलता हासिल हुई है। एआई एल्गोरिदम और वॉच के सेंसर का उपयोग करके, यह तकनीक बेहोशी की घटना से पांच मिनट पहले ही यूजर को अलर्ट कर सकती है, जिससे वे पहले ही सुरक्षित जगह पर बैठ या लेट सकें और गंभीर चोट से बच सकें।
यह बात सैमसंग और चुंग-आंग यूनिवर्सिटी के एक साझा अध्ययन में सामने आई है। इनकी संयुक्त रिसर्च में गैलेक्सी वॉच 6 ने वासोवेगल सिंकोप (अचानक बेहोशी) की स्थिति को 84.6% सटीकता देखने को मिली है। इस शोध को यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित किया गया है, जो वियरेबल तकनीक को इलाज से बचाव की ओर ले जाने का बड़ा संकेत माना जा रहा।
क्या है वासोवेगल सिंकोप?
वासोवेगल सिंकोप (VVS) ऐसी स्थिति होती है, जिसमें तनाव या अन्य वजहों से अचानक हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर गिर सकता है और व्यक्ति बेहोश हो सकता है। हालांकि यह स्थिति ज्यादातर मामलों में जानलेवा नहीं होती, लेकिन अचानक गिरने से सिर या हड्डियों में गंभीर चोट लग सकती है। इसी वजह से इसकी पहले से पहचान बेहद जरूरी मानी जाती है।

Galaxy Watch6 ने यह कैसे किया?
रिसर्च टीम ने इसका 132 मरीजों पर अध्ययन किया और गैलेक्सी वॉच 6 के PPG (फोटोप्लेथिस्मोग्राफी) सेंसर से हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) डेटा को रिकॉर्ड किया। इसके बाद एआई एल्गोरिदम की मदद से आने वाली बेहोशी की स्थिति का विश्लेषण किया गया। इस स्टडी में सामने आया कि जिन यूजर्स ने गैलेक्सी वॉच 6 पहनी, उनमें लगभग 5 मिनट पहले तक बेहोशी की संभावना का पता लगाया जा सका।
लोगों को कैसे फायदा होगा ?
सैमसंग का कहना है कि यह रिसर्च दिखाती है कि वियरेबल टेक्नोलॉजी अब इलाज के बाद नहीं, बल्कि बीमारी को रोकने और पहले से ही अलर्ट करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अगर यूजर को पहले ही अलर्ट मिल जाए, तो वह सुरक्षित जगह पर बैठ सकता है, लेट सकता है या किसी से मदद मांग सकता है। इससे गिरने और चोट लगने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कंपनी आने वाले समय में अपनी स्मार्टवॉच और हेल्थ AI फीचर्स को और ज्यादा एडवांस बनाने पर काम कर रही है। हालांकि यह दुनिया की पहली ऐसी स्टडी मानी जा रही है, जिसमें किसी कमर्शियल स्मार्टवॉच ने बेहोशी की स्थिति को पहले से पहचानने की क्षमता दिखाई है।