MAXHUB ने लॉन्च किया नई एलईडी स्क्रीन, वर्चुअल रैली में होगा इस्तेमाल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 19 Jan 2022 05:33 PM IST
सार

पहले मध्य प्रदेश सरकार से ही मैक्सहब के प्रोडक्ट का इस्तेमाल रैलियों के लिए कर रही है। वर्चुअल रैली के लिए मैक्सहब ने पूरी तैयारी कर ली है।

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MAXHUB aims to enable Digital Rallies for elections with its disruptive Unified Communication products
maxhub pannel - फोटो : amarujala

    विस्तार

    तमाम ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और कंपनियों को डिजिटल स्क्रीन देने वाली कंपनी मैक्सहब (MAXHUB) ने कोविड—19 के दौर में जनसभाओं पर लगी पाबंदियों के मद्देनजर वर्चुअल रैलियों के लिए अपना नया एलईडी पैनल maxhub v5 classic सीरीज पेश किया है। मैक्सहब ने अपने एक बयान में कहा है कि देश की कई राजनीतिक पार्टियों के साथ साझेदारी को लेकर बातचीत आखिरी चरण में है, हालांकि किन-किन पार्टियों के साथ कंपनी की साझेदारी हुई है, यह फिलहाल एक राज ही है।

    बता दें कि पहले मध्य प्रदेश सरकार से ही मैक्सहब के प्रोडक्ट का इस्तेमाल रैलियों के लिए कर रही है। वर्चुअल रैली के लिए मैक्सहब ने पूरी तैयारी कर ली है। इन रैलियों के लिए कंपनी के पास इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले से लेकर वेबकैम और साउंडबार जैसे प्रोडक्ट मौजूद हैं।

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    फरवरी में गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसके लिए प्रचार अभियान जोर-शोर से जारी है। चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक महामारी के कारण परंपरागत जनसभाओं, राजनीतिक रैलियों, प्रचार आदि पर 22 जनवरी तक रोक लगी हुई है। ऐसे हालात में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल रैली होने वाली है। कंपनी के आगामी चुनावों में वर्चुअल रैली में क्लासिक सीरीज इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल के बडे़ स्तर पर इस्तेमाल होने की उम्मीद है।

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    फीचर्स की बात करें तो मैक्सहब क्लासिक सीरीज (सी सीरीज) इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले के साथ आती है। इसके साथ 4के अल्ट्रा एचडी रिजॉल्यूशन है। साथ ही इसमें अपने बिल्ट-इन सीम स्पीकर दिया गया है। स्पीकर ट्रैकिंग के साथ इसका 12एमपी एचडीआर कैमरा लोगों को रैलियों के दौरान रियल-टाइम एक्सपेरियंस देता है। पैनल के साथ टाईप-सी कनेक्टिविटी दी गई है।

    बता दें कि मैक्सहब के प्रोडक्ट का इस्तेमाल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) असम, भेल, सेल, इंडियन ऑयल, अरुणाचल प्रदेश पुलिस, रक्षा शोध एवं विकास संगठन, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रायबरेली), कर्नाटक बैंक लिमिटेड आदि में पहले से इस्तेमाल हो रहा है।

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