सुरक्षा पर सवाल: Pegasus ने जीरो क्लिक के जरिए हैक किए 23 आईफोन, जानें इसके बारे में

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 20 Jul 2021 05:38 PM IST
सार

एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेगासस के जरिए हजारों आईफोन की ट्रैकिंग हुई है। रिपोर्ट का दावा है कि सभी आईफोन में आईमैसेज जीरो क्लिक के जरिए ही पेगासस को इंस्टॉल किया गया है।

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iPhone security no match for Pegasus spyware International investigation finds 23 Apple devices that were hacked by zero click
iphone 11 - फोटो : amar ujala

    विस्तार

    एपल की सिक्योरिटी को लेकर हमेशा से बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। एपल भी अपनी सिक्योरिटी को एंड्रॉयड के मुकाबले बेहतर बताता है लेकिन Pegasus स्पाईवेयर ने आईफोन की सिक्योरिटी के भी पोल खोल दिए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल की जांच में 23 आईफोन आराम से हैक हो गए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस्रायल के एनएसओ ग्रुप का Pegasus स्पाईवेयर iPhone 11 और iPhone 12 को भी आईमैसेज जीरो क्लिक के जरिए हैक करने में सक्षम है।

    दरअसल एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब ने 10 देशों के 17 मीडिया संगठनों के 80 से अधिक पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह के फोन टैपिंग का फॉरेंसिक विश्लेषण किया है जिसमें उसे आधे से अधिक मामलों में पेगासस स्पाईवेयर के निशान मिले हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेगासस के जरिए हजारों आईफोन की ट्रैकिंग हुई है। रिपोर्ट का दावा है कि सभी आईफोन में आईमैसेज जीरो क्लिक के जरिए ही पेगासस को इंस्टॉल किया गया है।

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    पेगासस स्पाईवेयर की शिकार फ्रांस की क्लाउड मैंगिन भी हुई हैं जो कि मोरक्को जेल में बंद एक सामाजिक कार्यकर्ता नामा असफरी की पत्नी हैं। बता दें कि मैंगिन सालों से अपने पति नामा असफरी की आजादी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय अभियान चला रही हैं। नामा असफरी सामाजिक कार्यकर्ता के साथ सहरावी जातीय समूह के सदस्य हैं जिन्हें 2010 में जेल में डाल दिया गया था और कथित तौर पर मोरक्को की पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया था।

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    क्लाउड ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया है कि उनके iPhone 11 पर एक टेक्स्ट मैसेज आया। मैसेज आने का ना कोई नोटिफिकेशन मिला और ना ही मैसेज एप का रिंगटोन बजा। एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब की जांच में पता चला कि मैंगिन का फोन पेगासस के जरिए कई बार हैक हुआ। लैब की जांच में इस बात की जानकारी नहीं मिली कि पेगासस ने मैंगिन के फोन से क्या-क्या डाटा इकट्ठा किया लेकिन पहले की जांच रिपोर्ट के मुताबिक पेगासस ई-मेल, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया पोस्ट, यूजर पासवर्ड, कॉन्टेक्ट लिस्ट, पिक्चर, वीडियो, साउंड रिकॉर्डिंग और ब्राउजिंग सिस्ट्री का डाटा इकट्ठा कर सकता है। यह स्पाईवेयर फोन का कैमरा ऑन करके फोटो क्लिक कर सकता है और माइक्रोफोन के जरिए आपकी बातें भी सुन सकता है। मैंगिन का नंबर भी 50 देशों के उन 50,000 नंबरों की सूची में था जिनकी जासूसी पेगासस के जरिए की गई है

    जीरो क्लिक का मतलब इसके नाम में ही है। यदि किसी के फोन पर कोई टेक्स्ट मैसेज भेजा जाए और उसे बिना ओपन किए ही फोन में कोई स्पाईवेयर या मैलवेयर इंस्टॉल हो जाए तो इस तरह के साइबर अटैक को जीरो क्लिक अटैक कहा जाता है। आमतौर पर किसी साइबर अटैक में यूजर्स की किसी गलती का इंतजार होता है लेकिन जीरो क्लिक में सिर्फ एक मैसेज भेजकर या फिर मिस्डकॉल करके आपके फोन का पूरा कंट्रोल लिया जा सकता है। जीरो क्लिक की पहचान करना बहुत मुश्किल है। इससे बचने का एक ही तरीका है कि अपने फोन और सभी एप्स को अप टू डेट रखें

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