Nasa: फोन कैमरा से माउस तक, नासा ने किया है इन टॉप-5 डिवाइस का आविष्कार, जानकर हो जाएंगे हैरान
Nasa ने ऐसे कई टेक्नोलॉजी डिवाइस भी बनाएं हैं, जिन्हें हम दैनिक कामकाज में इस्तेमाल करते हैं। यदि आप भी इन डिवाइस के बारे में जानना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए है।

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नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी नासा शब्द आते ही हमारे दिमाग में एक अलग छवि बन जाती है। नासा से हम रॉकेट, सैटेलाइट, टेलीस्कोप, स्पेस सूट और अंतरिक्ष से संबंधित चीजें सोचने लगते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि नासा अंतरिक्ष खोज पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और 1958 में अपनी स्थापना के बाद क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी के साथ काम कर रहा है। लेकिन आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि नासा ने ऐसे कई टेक्नोलॉजी डिवाइस भी बनाएं हैं, जिन्हें हम दैनिक कामकाज में इस्तेमाल करते हैं। यदि आप भी इन डिवाइस के बारे में जानना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए है। इस रिपोर्ट में हम आपको नासा द्वारा आविष्कार किए गए यूजफुल पांच डिवाइस के बारे में बताएंगे। चलिए देखते हैं लिस्ट।
दरअसल, नासा ने आधुनिक वायरलेस हेडफोन का आविष्कार नहीं किया, जबकि इस तकनीक को नासा ने विकसित किया। नासा ने एक ऑडियो कंपनी के सहयोग से इसे विकसित किया था। स्पेस सूट के भीतर एक मजबूत वायरलेस संचार प्रणाली की आवश्यकता पहली बार 1961 में महसूस की गई थी जब प्रोजेक्ट मरकरी के परीक्षण के दौरान एक कैप्सूल का हैच समुद्र के बीच में समय से पहले ही फट गया था। नतीजतन, कैप्सूल में कम्युनिकेशन सिस्टम भर गया था।
सौभाग्य से, हेलीकॉप्टर कैप्सूल में केवल अकेले अंतरिक्ष यात्री को खोजने में सक्षम थे। लेकिन कमांड सेंटर और अंतरिक्ष यात्री के बीच संचार के बेहतर तरीके की जरूरत थी और वायरलेस हेडफोन सिस्टम को विकसित किया गया। दरअसल, नासा पैसिफिक प्लांट्रोनिक्स नामक एक कंपनी के पास पहुंचा और उन्होंने उसी वर्ष MS-50 नामक एक वायरलेस हेडसेट विकसित किया। इस टेक्नोलॉजी को बाद में 2000 के दशक के बाद उपभोक्ता-ग्रेड वायरलेस हेडफोन बनाने के लिए विकसित किया गया था।
अगर आपने कभी डीएसएलआर कैमरे या स्मार्टफोन से फोटो ली है तो इसके लिए आप नासा को धन्यवाद दे सकते हैं। पहला डिजिटल कैमरा 1975 में ईस्टमैन कोडक द्वारा बनाया गया था, जबकि इसकी अवधारणा 1960 में ही दे दी गई थी। दरअसल, डिजिटल कैमरे की अवधारणा को विकसित करने वाला पहला जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) इंजीनियर यूजीन लैली था। यूजीन लैली ने पहली बाद 1960 के दशक में लाइट सिग्नल को डिजिटाइज करने के लिए मोजेक फोटो सेंसर के उपयोग और स्टिल फोटो को समझाया था।
नासा ने अपने एक ब्लॉग ने इसकी पुष्टि की है। 1990 के दशक में एक JPL टीम ने कैमरों को बनाने के लिए कॉम्प्लीमेंटरी मेटल ऑक्साइड सेमीकंडक्टर (CMOS) इमेज सेंसर पर रिसर्च किया। इमेज बेहतर बनाने के कैमरे में इंटरप्लेनेटरी स्पेसक्राफ्ट छोटा किया गया। इसी तकनीक का इस्तेमाल बाद में फोटो बिट को खोजने के लिए किया गया, जो CMOS इमेज सेंसर का व्यावसायीकरण करने वाली पहली कंपनी बन गई।