सोशल मीडिया तक ही रहता है भारत में चीन विरोध, स्मार्टफोन बाजार में 5% बढ़ी चाइनीज हिस्सेदारी

सोशल मीडिया का जिस तरह से भारत में इस्तेमाल होता है, वैसा शायद ही किसी अन्य देश में होता होगा। भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स किसी भी मुद्दे पर 24 घंटे अपनी राय रखने के लिए तैयार रहते हैं। 2020 में तो सीमा विवाद को लेकर चाइनीज प्रोडक्ट का विरोध हुआ लेकिन हार बार होली-दिवाली पर चाइनीज प्रोडक्ट का बहिष्कार तेज हो जाता है और कुछ दिन बार फिर से ठंडा हो जाता है। साल 2020 में भी सीमा विवाद के बाद चीनी कंपनियों का खूब विरोध हुआ, लेकिन इस बार भी चीन का विरोध सोशल मीडिया तक ही सीमित रहा।
5 फीसदी तक बढ़ी स्मार्टफोन बाजार में हिस्सेदारी

पिछले साल भारत-चीन सीमा विवाद के बाद जब चीन और चाइनीज सामान का विरोध हुआ तो ऐसा लगा कि घरेलू मोबाइल कंपनियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। लावा और माइक्रोमैक्स ने अपने कई फोन भी लॉन्च किए लेकिन हमेशा की तरह भारतीयों ने चाइनीज फोन ही खरीदे। इसका प्रमाण यह है कि पिछले साल भारत में 14.5 करोड़ स्मार्टफोन बिके हैं जिनमें चाइनीज कंपनियों की हिस्सेदारी 77 फीसदी है जो कि 2019 के मुकाबले 5 फीसदी अधिक है।
5जी के साथ और बढ़ेगी हिस्सेदारी

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अभी भले ही 5जी नेटवर्क शुरू नहीं हुआ है लेकिन 5जी स्मार्टफोन की बाढ़ आ गई है। 20,000 रुपये से कम कीमत में भी 5जी स्मार्टफोन अब खरीदा जा सकता है। देश में 5जी की सेवाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं। ऐसे में लोग 5जी फोन ही खरीदना पसंद करेंगे। बाजार की मांग और जरूरत को देखते हुए सबसे ज्यादा 5जी फोन चाइनीज कंपनियां ही लॉन्च करेंगी। रिसर्च फर्म कैनेलीज के मुताबिक सीमा को लेकर भारत-चीन राजनैतिक तनाव का शाओमी, ओपो और वीवो जैसी स्मार्टफोन बनाने वाली चाइनीज कंपनियों पर ना के बराबर प्रभाव पड़ा है।
27 फीसदी हिस्सेदारी के साथ शाओमी नंबर-1

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पिछले साल चौथी तिमाही में शाओमी ने 1.2 करोड़ स्मार्टफोन बेचे। यह अपनी स्थिति मजबूत करते हुए 27 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान पर पहुंच गई। वहीं, सैमसंग ने 92 लाख स्मार्टफोन बेचे हैं। यह 22 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। वीवो 77 लाख स्मार्टफोन बेचकर तीसरे स्थान पर बनी रही। वहीं, ओपो 55 लाख स्मार्टफोन बेचकर रैंकिंग सुधारते हुए चौथे स्थान पर आ गई, जबकि रियलमी 51 लाख स्मार्टफोन बेचकर पांचवें स्थान पर रही।