Apple का बड़ा फैसला: कंपनी के सर्विस सेंटर पर रिपेयर नहीं होंगे चोरी हुए फोन, ऐसे होगी पहचान

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 30 Mar 2022 03:28 PM IST
सार

एपल ने कहा है कि वह चोरी हुए फोन या खोए हुए फोन को रिपेयर नहीं करेगा यानी चोरी हुए या खोए हुए आईफोन को एपल के सर्विस सेंटर या पार्टनर सर्विस सेंटर पर रिपेयर नहीं किया जाएगा

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Apple will no longer repair iPhones marked as lost or stolen Here all you need to know
iPhone Repair - फोटो : apple

    विस्तार

    एपल अपने प्रोडक्ट और फैसले से हर बार दुनिया को चौंकाता है। अब एपल के नए फैसले ने सबको हैरान कर दिया और कुछ लोगों की नींद भी हराम हो गई है। एपल ने कहा है कि वह चोरी हुए फोन या खोए हुए फोन को रिपेयर नहीं करेगा यानी चोरी हुए या खोए हुए आईफोन को एपल के सर्विस सेंटर या पार्टनर सर्विस सेंटर पर रिपेयर नहीं किया जाएगा, हालांकि इसके लिए GSMA डिवाइस रजिस्ट्री और MobileGenius में फोन का रजिस्टर होना जरूरी है। बता दें कि MobileGenius एप का इस्तेमाल एपल सर्विस के लिए करता है।

    एपल के इस फैसले की जानकारी एक पत्र से मिली है जिसे एपल ने अपने कर्मचारियों, एपल स्टोर, सर्विस सेंटर और ऑथराइज सर्विस सेंटर को कर्मचारियों को भेजा है। इसकी जानकारी सबसे पहले MacRumors ने दी है। पत्र में कहा गया है कि सभी सेंटर पर GSMA डिवाइस रजिस्ट्री डाटाबेस का इस्तेमाल किया जाएगी जिसकी मदद से पता चलेगा कि जो फोन रिपेयर होने आया है वह चोरी का है या किसी का खोया हुआ फोन है।

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    सीधे शब्दों में कहें तो अब एपल के सर्विस सेंटर पर फोन को रिपेयर करने से पहले से चेक किया जाएगा कि वह चोरी का फोन है या गुम हुआ फोन है। यदि फोन चोरी का है या किसी का खोया हुआ है तो वह रिपेयर नहीं किया जाएगा। नई शर्तों के मुताबिक यदि आप सर्विस सेंटर पर फोन का बिल नहीं देते हैं तो आपका फोन रिपेयर नहीं किया जाएगा।

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    आईफोन रिपेयर के लिए एपल की नई शर्त सिर्फ उन iPhone पर ही लागू होगा जिनका फाइंड माय डिवाइस फीचर ऑन होगा। बता दें कि GSMA डिवाइस रजिस्ट्री का इस्तेमाल एपल यह पता लगाने के लिए करता है कि रिपेयर के लिए आया फोन कब खरीदा गया है, कहां से खरीदा गया है और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है। आमतौर पर जब आप किसी फोन के चोरी होने की शिकायत करते हैं तो पुलिस उस फोन के IMEI नंबर को चिन्हित करती है और यह डाटबेस GSMA डिवाइस रडिस्ट्री पर अपलोड होता है।

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