Samsung ने चीनी कंपनियों को छोड़ा पीछे, बना भारत का पसंदीदा मोबाइल ब्रांड

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 20 Oct 2020 02:51 PM IST
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Amidst anti China sentiment customers favour Samsung, Lava emerges as the 2nd most preferred brand says CMR
galaxy f41 - फोटो : AMAR UJALA

    भारत-चीन सीमा विवाद का सबसे बड़ा फायदा सैमसंग को हुआ है। सीमा विवाद के बाद देश में चाइनीज कंपनियों का जोर-शोर से विरोध होने लगा। सरकार ने भी प्राइवेसी का हवाला देते हुए सभी चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिए। चाइनीज कंपनियों को मेड इन इंडिया फोन का भी लोगों ने बहिष्कार किया। अब CMR की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस सीमा विवाद का सैमसंग को बड़ा फायदा हुआ है। सैमसंग भारतीय बाजार में पसंदीदा मोबाइल ब्रांड बन गया है।

    अमित शर्मा, विश्लेषक -इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप, सीएमआर के मुताबिक, '2020 की दूसरी तिमाही में भारतीय मोबाइल बाजार में चाइनीज कंपनियों की हिस्सेदारी 73 फीसदी तक कम हुई है। इसका मुख्य कारण सप्लाई में कमी और चीन विरोधी माहौल रहा है। प्रत्येक चार में से एक रिटेलर को चीन विरोधी अभियान का सामना करना पड़ा है। वहीं प्रत्येक पांच में से एक रिटेलर को ग्राहकों को चाइनीज फोन खरीदने के लिए समझाना पड़ा है।'

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    सीएमआर के इस सर्वे की खास बातें

    मुंबई, कानपुर, जबलपुर और रांची के प्रत्येक पांच में से एक यूजर ने नए फोन के रूप में चाइनीज फोन लेने से मना कर दिया है।सर्वे में शामिल एक तिहाई लोगों ने कहा कि यदि कोई रिटेलर चाइनीज फोन बेचता है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा।सर्वे में शामिल 93 फीसदी लोगों ने सैमसंग को, 90 फीसदी लोगों ने ओप्पो को, 86 फीसदी ने वीवो को और 83 फीसदी लोगों ने लावा को पसंद किया है यानी ये चारों ब्रांड सबसे भरोसेमंद हैं।48 फीसदी ने भारतीय विकल्प के तौर पर Lava को चुना है।

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