ईमेल भेज कोई आप पर नज़र तो नहीं रख रहा?

बीबीसी
Fri, 06 May 2016 05:19 PM IST
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forwarding email is risky
मेल से परेशान - फोटो : bbc

    आजकल ईमेल ट्रैकिंग टूल बड़े आसानी से आपके लोकेशन और दूसरी जानकारी आपसे झटक सकते हैं और आपको पता भी नहीं चलेगा।कई ऐसे ईमेल ट्रैकिंग टूल बाजार में मिल रहे हैं और उनका काम सिर्फ एक है - ये पता करना कि एक बार ईमेल भेज दिया जाता है उसके बाद उसका क्या होता है। कंपनियां जब अपने ग्राहकों को ईमेल भेजती हैं तो वो इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। कई बार ऑफिस के अंदर भी ईमेल पर ऐसे ही नजर रखी जाती है। अगर आप क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं तो उसके भी कई एक्सटेंशन हैं जो भेजे गए ईमेल पर नज़र रखते हैं। बनानाटैग जैसी कंपनी का यही काम है और मेल भेजते समय सिर्फ इसके 'ट्रैक ईमेल' फीचर को टिक करना होता है। अगर आप और खर्च करने को तैयार हैं तो और भी जानकारी आपको मिल सकती है।

    आम तौर पर ईमेल ट्रैक करने की ज़रुरत कंपनियों को होती है क्योंकि वो ग्राहकों की पसंद को समझने की कोशिश करते हैं। अगर ईमेल पढ़कर आपने उसे किसी को फॉरवर्ड किया तो उसकी भी खबर ऐसे सॉफ्टवेयर के पास पहुंच जाती है। जीमेल इस्तेमाल करने वालों के लिए बूमेरैंग भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आपकी जरुरत के लिए 10 ईमेल महीने में आप फ्री ट्रैक कर सकते हैं। अगर आप करीब 325 रुपये महीने खर्च को तैयार हैं तो सभी कंप्यूटर या मोबाइल पर देखे जा रहे ईमेल पर नज़र रख सकते हैं। क्रोम ब्राउजर पर मेल2क्लाउड पर आप 14 दिन तक उसके सभी फीचर मुफ्त इस्तेमाल कर सकते हैं। जीमेल के साथ-साथ ये माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक के साथ-साथ भी काम करता है।

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    यसवेयर और मेलट्रैक भी ऐसे ही सॉफ्टवेयर हैं जो आपके ईमेल पर नजर रखते हैं। बस ध्यान रहे कि अगर आप ऑफिस में हैं तो काम से जुड़े ईमेल को किसी अनजान व्यक्ति को फॉरवर्ड नहीं कीजिये। आजकल स्मार्टफोन के जमाने में मेल फॉरवर्ड करना बहुत आसान है। कहीं ऐसा नहीं हो कि कंपनी को पता चल जाए और आपको नौकरी से हाथ धोना पड़े।

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