अहम एडवाइजरी: क्या आप भी अपने बच्चों की फोटो ऑनलाइन पोस्ट करते हैं? कहीं ये आदत बन जाए न खतरा!

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Sat, 06 Jun 2026 07:48 PM IST
सार

Child Cyber Safety:

अगर आपके भी बच्चे हैं और आप अपने बच्चों की तस्वीरों को ऑनलाइन साझा करना पसंद करते हैं, तो आपको सावधान होने की जरूरत हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें और निजी जानकारी बच्चों को उन्हें एक बड़े साइबर खतरे में डाल सकती है। साइबर दोस्त और असम पुलिस की हालिया एडवाइजरी यह बताती है कि कैसे ऑनलाइन शेयर की गई इन जानकारियों का इस्तेमाल एआई मॉर्फिंग, साइबरबुलिंग और फेक प्रोफाइल बनाने जैसे अपराधों में हो सकता है।

Child Cyber Safety: Why Parents Should Avoid Sharing Personal Details of Children Online
बच्चों की जानकारी ऑनलाइन पोस्ट करते हैं तो सावधान होने की जरूरत है - फोटो : एडोब स्टॉक

    विस्तार

    आजकल सोशल मीडिया पर अपनी और अपने बच्चों की तस्वीरें शेयर करना आम बात हो गई है। हम सभी अक्सर खुशी-खुशी बच्चों के स्कूल के पहले दिन की फोटो या उनके पार्क में खेलने की तस्वीरें डाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपके बच्चों को एक बड़े साइबर खतरे में डाल सकती है? इसे लेकर असम पुलिस ने बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी और चाइल्ड साइबर सेफ्टी को लेकर एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की है।

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    जैसा कि जारी की गई तस्वीर में बताया गया है, इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियां भी साइबर अपराधियों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। असम पुलिस ने चेतावनी दी है कि:

    • स्कूल, माता-पिता और संस्थाओं के जरिए इंटरनेट पर साझा की गई बच्चों की तस्वीरें खतरनाक हो सकती हैं।
    • तस्वीरों के साथ बच्चों का नाम, क्लास की डिटेल्स और लोकेशन शेयर करना खतरे को और बढ़ा देता है।
    • रियल-टाइम अपडेट्स यानी बच्चा इस वक्त कहां है या क्या कर रहा है, जैसी लाइव जानकारी पोस्ट करने से साइबर अपराधी या गलत इरादे वाले लोग बच्चों को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
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    ऑनलाइन साझा की गई जानकारी का अपराधी कई तरह से गलत इस्तेमाल कर सकते हैं:

    एआई इमेज मैनिपुलेशन या इमेज मॉर्फिंग:

    बच्चों की तस्वीरों के साथ एआई तकनीक की मदद से छेड़छाड़ की जा सकती है।

    साइबरबुलिंग और आइडेंटिटी थेफ्ट:

    बच्चों की पहचान चुराई जा सकती है या उन्हें ऑनलाइन डराया-धमकाया जा सकता है।

    फेक प्रोफाइल और फ्रॉड:

    बच्चों की तस्वीरों और जानकारी का इस्तेमाल करके इंटरनेट पर फर्जी अकाउंट बनाकर धोखाधड़ी की जा सकती है।

    बच्चों के लिए मुख्य साइबर खतरे:

    जानकारी लीक होने से बच्चों को सीधे तौर पर साइबर खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

    निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल:

    उनकी किसी भी प्रकार की निजी जानकारी का गलत फायदा उठाया जा सकता है।

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