Apple Antitrust Case: क्या एपल को लगेगा 3800 करोड़ डॉलर का झटका? भारत ने दी अंतिम चेतावनी

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Thu, 15 Jan 2026 05:54 PM IST
सार

भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग (कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया) ने अमेरिकी टेक कंपनी एपल को एंटीट्रस्ट मामले में अंतिम चेतावनी जारी की है। आयोग ने साफ किया है कि अगर एपल ने जल्द जवाब नहीं दिया तो उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

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CCI Issues Final Warning to Apple in Antitrust Case, Threatens Unilateral Action
Apple Antitrust Case - फोटो : X

    विस्तार

    भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अमेरिकी टेक दिग्गज एपल को एक 'अंतिम चेतावनी' जारी की है। एक गोपनीय आदेश के अनुसार, आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर कंपनी ने जल्द जवाब नहीं दिया तो वह एपल के खिलाफ एंटीट्रस्ट (विश्वास-विरोधी) मामले में एकतरफा कार्यवाही शुरू कर देगा। आरोप है कि एपल पिछले एक साल से अधिकारियों को जवाब देने में देरी कर रहा है और जांच को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

    क्या है पूरा विवाद?

    यह लड़ाई 2022 से चल रही है, जब टिंडर की मालिक कंपनी 'मैच ग्रुप' और कई भारतीय स्टार्टअप्स ने एपल के खिलाफ एंटीट्रस्ट की शिकायत दर्ज कराई थी। 2024 में जांचकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी ने iOS एप मार्केट में 'अनुचित आचरण' किया है।

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    $38 बिलियन के जुर्माने का डर

    एपल ने चिंता जताई है कि अगर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) जुर्माने की गणना के लिए उसके 'ग्लोबल टर्नओवर' का इस्तेमाल करता है, तो उसे $38 बिलियन तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। जांच में पाया गया है कि एपल ने अपने एप स्टोर पर अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग किया है। हालांकि एपल इन आरोपों से इनकार करता है। कंपनी ने भारत के जुर्माना लगाने के नियमों को भारतीय अदालत में चुनौती दी है और यह मामला अभी भी विचाराधीन है।

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    CCI ने खारिज की केस रोकने की मांग

    जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय में एपल की चुनौती पर सुनवाई चल रही है, 31 दिसंबर के एक गोपनीय आदेश से पता चलता है कि एपल ने निजी तौर पर CCI से अनुरोध किया था कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक पूरे मामले को रोक दिया जाए। CCI ने इस अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि उसने अक्टूबर 2024 में ही एपल से जांच के निष्कर्षों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने और जुर्माने का आकलन करने के लिए वित्तीय विवरण देने को कहा था। लेकिन तब से कंपनी को 'बार-बार समय विस्तार' दिया जा रहा है। CCI ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "आयोग का मानना है कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बार-बार तारीख मांगना प्रक्रियात्मक अनुशासन को कमजोर करता है और कार्यवाही के समय पर निष्कर्ष में बाधा डालता है।"

    'अब और छूट नहीं दी जा सकती'

    CCI ने साफ कर दिया है कि ऐसी ढील अनिश्चित काल तक जारी नहीं रखी जा सकती। आयोग ने एपल को अगले सप्ताह तक जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। अगर जवाब नहीं मिलता है तो आयोग मामले में आगे बढ़ जाएगा। दूसरी ओर मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एपल इसे CCI के जरिए अदालती कार्यवाही को पहले ही खत्म करने की एक चाल मानता है। संभावना है कि 27 जनवरी को होने वाली अगली अदालती सुनवाई से पहले कंपनी CCI को जवाब नहीं देगी।

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