{"_id":"64060b1a0b8894e9fb040744","slug":"women-boxers-filed-petition-against-sports-ministry-and-seven-other-for-bias-in-selection-2023-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Boxing: महिला मुक्केबाजों ने इस कारण खटखटाया अदालत का दरवाजा, खेल मंत्रालय समेत सात के खिलाफ दाखिल की याचिका","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Boxing: महिला मुक्केबाजों ने इस कारण खटखटाया अदालत का दरवाजा, खेल मंत्रालय समेत सात के खिलाफ दाखिल की याचिका
Mon, 06 Mar 2023 09:17 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 06 Mar 2023 09:17 PM IST
सार
दाखिल याचिका में भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई), खेल मंत्रालय, साई, तीनों जगह पर चयनित मुक्केबाज नीतू, प्रीति और जैस्मिन के अलावा चीफ कोच भास्कर भट्ट को आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली में 15 मार्च से शुरू हो रही विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए टीम के चयन में पक्षपात पर तीन राष्ट्रीय चैंपियन महिला मुक्केबाजों ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। भोपाल में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशि में स्वर्ण जीतने वाली और 2019 की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मुक्केबाज मंजू रानी (48), शिक्षा नरवाल (54) और पूनम (60) की ओर से दाखिल याचिका में भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई), खेल मंत्रालय, साई, तीनों जगह पर चयनित मुक्केबाज नीतू, प्रीति और जैस्मिन के अलावा चीफ कोच भास्कर भट्ट को आरोपी बनाया गया है।
टीम में शामिल नौ मुक्केबाज राष्ट्रीय चैंपियन
दाखिल की गई याचिका में हरियाणा की तीनों महिला मुक्केबाजों ने कहा है कि उन्होंने भोपाल राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता है। विश्व चैंपियनशिप की टीम में शामिल अन्य नौ सभी मुक्केबाज भी राष्ट्रीय चैंपियन हैं, लेकिन उनके भार वर्गों में उनके स्थान पर उनसे नीचे की रैंकिंग और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं खेलने वाली मुक्केबाजों को जगह दी गई है। उन्होंने बीएफआई, मंत्रालय और साई के समक्ष उन्हें टीम में चयनित किए जाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। जिसके चलते उन्होंने अदालत की शरण ली है।
बीएफआई ने कहा नई चयन नीति के तहत हुआ चयन
मुक्केबाजी संघ का कहना है कि उन्होंने नई चयन नीति के तहत टीम का चयन किया है। जिसके तहत राष्ट्रीय शिविर में शामिल सभी मुक्केबाजों की समीक्षा के बाद चयन किया गया। मुक्केबाजों को समीक्षा के अंक दिए गए हैं, जिसके आधार पर टीम चयनित हुई है। वहीं मुक्केबाजों का दावा है कि शिविर में शामिल रहने के दौरान उनसे कहा गया था कि राष्ट्रीय चैंपियन होने के नाते उनका विश्व चैंपियनशिप की टीम में चयन होगा। विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता 80 लाख रुपये की भारी भरकम इनामी राशि मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम में शामिल नौ मुक्केबाज राष्ट्रीय चैंपियन
दाखिल की गई याचिका में हरियाणा की तीनों महिला मुक्केबाजों ने कहा है कि उन्होंने भोपाल राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता है। विश्व चैंपियनशिप की टीम में शामिल अन्य नौ सभी मुक्केबाज भी राष्ट्रीय चैंपियन हैं, लेकिन उनके भार वर्गों में उनके स्थान पर उनसे नीचे की रैंकिंग और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं खेलने वाली मुक्केबाजों को जगह दी गई है। उन्होंने बीएफआई, मंत्रालय और साई के समक्ष उन्हें टीम में चयनित किए जाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। जिसके चलते उन्होंने अदालत की शरण ली है।
विज्ञापन
बीएफआई ने कहा नई चयन नीति के तहत हुआ चयन
मुक्केबाजी संघ का कहना है कि उन्होंने नई चयन नीति के तहत टीम का चयन किया है। जिसके तहत राष्ट्रीय शिविर में शामिल सभी मुक्केबाजों की समीक्षा के बाद चयन किया गया। मुक्केबाजों को समीक्षा के अंक दिए गए हैं, जिसके आधार पर टीम चयनित हुई है। वहीं मुक्केबाजों का दावा है कि शिविर में शामिल रहने के दौरान उनसे कहा गया था कि राष्ट्रीय चैंपियन होने के नाते उनका विश्व चैंपियनशिप की टीम में चयन होगा। विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता 80 लाख रुपये की भारी भरकम इनामी राशि मिलेगी।
विज्ञापन