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विंबलडन: जोकोविच की निगाह 20वें ग्रैंड स्लैम पर

Mon, 28 Jun 2021 07:46 AM IST
Jeet Kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 28 Jun 2021 07:46 AM IST
सार

  • साल का तीसरा ग्रैंड स्लैम आज से
  • नोवाक की पहली टक्कर जैक से, तीन साल बाद ऑल इंग्लैंड के खेलेंगे मरे
  • 14 वर्षों से यहां कोई खिलाड़ी खिताबी हैट्रिक नहीं लगा पाया है 

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Wimbledon, novak Djokovic eyes 20th Grand Slam
Novak Djokovic - फोटो : ट्विटर

विस्तार

दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच सोमवार से शुरू हो विंबलडन में जब कोर्ट पर उतरेंगे तो उनकी निगाह 20वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर रोजर फेडरर और राफेल नडाल के सर्वाधिक खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर होगी।

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साथ ही पिछले 14 वर्षों में यहां खिताबी हैट्रिक लगाने वाला पहला खिलाड़ी बनने पर भी। फेडरर ने 2003 से 2007 तक लगातार पांच बार यह ट्रॉफी जीती थी। यही नहीं जोकोविच अगर यह ट्रॉफी जीत जाते हैं तो वह कैलेंडर ईयर ग्रैंड स्लैम (साल के चारों ग्रैंड स्लैम जीतना) पूरा करने के और करीब पहुंच जाएंगे जो 52 वर्षों से कोई खिलाड़ी नहीं कर पाया है। लॉड लेवर ने 1969 में ऐसा किया था। जोकोविच इस सत्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन जीत चुके हैं।
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पांच बार के चैंपियन जोकोविच अपने अभियान की शुरुआत पहले ही दिन ब्रिटेन के वाइल्डकार्ड धारक ब्रिटेन के जैक ड्रेपर के खिलाफ करेंगे। तीन साल बाद यहां वापसी कर रहे दो बार के चैंपियन ब्रिटेन के एंडी मरे पहले दौर में जॉर्जिया के निकोलोज से खेलेंगे। नंबर तीन सितसिपास की पहली टक्कर अमेरिका के फ्रांसिस्स टायोफ से होगी।  
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तीन साल का खिताबी सूखा खत्म करना चाहेंगे फेडरर 
आठ बार के चैंपियन फेडरर तीन साल का खिताबी सूखा खत्म कर रिकॉर्ड 21वीं ट्रॉफी जीतना चाहेंगे। फेडरर का आठ अगस्त को 40वां जन्मदिन है ऐसे में वह यहां चैंपियन बनकर इसे यादगार बनाना चाहेंगे। फेडरर ने 2018 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीता है। वह 2019 में ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचे थे पर जोकोविच से हार गए थे।

फेडरर ने यहां 114 मुकाबले खेले हैं जिसमें से 101 जीते हैं और 13 हारे हैं। वह यहां जीत का शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। यह स्विस स्टार अपने अभियान की शुरुआत फ्रांस के एड्रियन मन्नरिनो के खिलाफ करेंगे। फेडरर के हाफ में जर्मनी के डोमिनिक थिएम, दानिल मेदवेदेव, निक किर्गियोस और मारिन सिलिच भी हैं। थिएम पहले दौर में नीदरलैंड के टालोन से तो मदेवदेव जर्मनी के जॉन लेनार्ड स्ट्रप से खेलेंगे।   

सेरेना तोड़ेंगी फाइनल का तिलिस्म 
पिछले चार साल से रिकॉर्ड 23वें ग्रैंड स्लैम का इंतजार कर रही सेरेना विलियम्स इस बार हर हार में फाइनल का तिलिस्म तोड़ा चाहेंगी। सात बार की चैंपियन पिछले लगातार दो साल (2018, 19) से यहां फाइनल में पहुंची पार खिताब नहीं जीत पाईं। पिछली बार कोरोना के चलते यह ग्रैंड स्लैम नहीं हुआ था।

सेरेना ने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम 2017 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में जीता था। उसके बाद वह चार ग्रैंड स्लैम के फाइनल और दो के सेमीफाइनल में पहुंचीं पर जीत नहीं पाईं। 39 वर्षीय सेरेना पहले दौर में बेलारूस के अलिकासांद्रा सासनोविच से खेलेंगी। नंबर एक एशले बार्टी स्पेन की कार्ला सुआरेज नवारो के खिलाफ अभियान की शुरुआत करेंगी।

नंबर दो नाओमी ओसाका और गत चैंपियन सिमोना हालेप टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगी। बावजूद इसके सेरेना की राह आसान नहीं हैं। इलिना स्वितोलिना, विक्टोरिया अजारेंका, बियांका, कोको गॉफ और फ्रेंच ओपन की चैंपियन बारबोरा क्राजेसिकोवा से कड़ी चुनौती मिलेगी। दूसरे हाफ में अर्याना सबालेंका, सोफिया केनिन, कैरालिना प्लिस्कोवा, पेत्रा क्वितोवा इगा स्वितेक हैं। 

सानिया की चार साल बाद वापसी 
भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा चार साल बाद विंबलडन में वापसी करेंगी। सानिया और अमेरिका की उनकी जोड़ी बेथानी माटेक को पहले दौर में अमेरिका की देसीरा क्राव्जिक और चिली की एलेक्सा गुआराची से पार पाना होगा। छह बार ग्रैंड स्लैम विजेता सानिया का यह 2017 के बाद दूसरा ग्रैंड स्लैम है। वह 2020 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेली थीं पर पहले ही दौर में बाहर हो गई थीं।

सानिया के अलावा युगल में रोहन बोपन्ना और दिविज शरण भी चुनौती पेश करेंगे। टोक्यो ओलंपिक के चलते यह दोनों पहली बार ग्रैंड स्लैम में एक-साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे हैं। सानिया के ओलंपिक में अंकिता रैना के साथ जोड़ी बनाने की उम्मीद है।   

सेरेना ओलंपिक से हटीं 
सेरेना विलियम्स भी टोक्यो ओलंपिक से हट गई हैं। हालांकि उन्होंने इसका कोई कारण नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि मैं वास्तव में ओलंपिक की सूची में नहीं हूं। ऐसा नहीं है कि मुझे इस बारे में पता नहीं है। अगर यह सही है तो मुझे वहां नहीं होना चाहिए। ओलंपिक को लेकर मेरे इस फैसले के पीछे कई कारण हैं। मैं वास्तव में वहां नहीं जाना चाहती। माफी चाहूंगी।

सेरेना ने अमेरिका के लिए ओलंपिक खेलों में चार स्वर्ण पदक जीते हैं जिसमें 2012 लंदन ओलंपिक में एकल और युगल दोनों का स्वर्ण शामिल हैं। वह 2000 में सिडनी और 2008 में बीजिंग ओलंपिक में युगल में स्वर्ण जीत चुकी हैं। उन्होंने युगल वर्ग के सभी स्वर्ण बड़ी बहन वीनस विलियम्स के साथ जीते हैं। रियो ओलंपिक (2016) में सेरेना एकल वर्ग में तीसरे जबकि युगल में वीनस के साथ पहले ही दौर में ही बाहर हो गई थी।


राफेल नडाल और डोमिनिक थिएम पहले ही इससे हट चुके हैं। रोजर फेडरर ने कहा कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह टोक्यो खेलों में भाग लेंगे या नहीं। उन्होंने कहा यह इस पर निर्भर करेगा कि विंबलडन में चीजें कैसी रहती हैं। 

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