सुनील छेत्री: भारतीय फुटबॉल का पोस्टर बॉय, जिसने गोल के मामले में 'मैजिकल मेसी' को दी टक्कर, रचे कई कीर्तिमान
सुनील ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत साल 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ की थी। वह सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल (94) करने वाले चौथे खिलाड़ी है। वहीं, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अली डेई और लियोनेल मेसी के बाद सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। उन्हें साल 2011 में अर्जुन पुरस्कार और 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
No goal is easy to achieve.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) June 6, 2024
Let alone 94 international ones.
You've held the flag high, Sunil Chhetri.🇮🇳⚽
Congratulations on a remarkable career! pic.twitter.com/K9QSkcg0e3
तेंदुलकर ने दी बधाई
छेत्री के आखिरी मुकाबले के बाद क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, "कोई भी लक्ष्य (गोल) हासिल करना आसान नहीं है, 94 अंतरराष्ट्रीय की तो बात ही छोड़ दीजिए, सुनील छेत्री आपने भारत का झंडा ऊंचा रखा। शानदार करियर के लिए बधाई।"
समर्थकों को दिया धन्यवाद
छेत्री ने संन्यास के बाद अपने फैंस को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "जिन्होंने मुझे वीडियो में देखा है, जिन्होंने मेरे ऑटोग्राफ लिए हैं और मेरे पुराने समर्थकों, मैं सभी का दिल से धन्यवाद देता हूं। ये 19 साल आप सभी के बिना संभव नहीं थे।" सुनील ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत साल 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ की थी। वह सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल (94) करने वाले चौथे खिलाड़ी है। वहीं, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अली डेई और लियोनेल मेसी के बाद सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। उन्हें साल 2011 में अर्जुन पुरस्कार और 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
सुनील ने शौकिया तौर पर फुटबॉल खेलने की शुरुआत साल 2002 में की थी। 17 की उम्र में वह मोहन बागान क्लब से जुड़े। उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल 20 की उम्र में भेजा। एफसी चैलेंज कप फाइनल 2008 में ताजिकिस्तान के खिलाफ सुनील ने तीन गोल किए थे। उनके इन्हीं गोल के दम पर भारतीय टीम ने 27 सालों बाद एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया था। 2010-11 में सुनील को कंसास सिटी विजार्ड फुटबॉल लीग ने अपनी टीम के लिए साइन किया था। भारत की आजादी के बाद विदेश में प्रोफेशनल लीग ज्वाइन करने वाले वह दूसरे खिलाड़ी बने।
2017 में किर्गिस्तान के खिलाफ सुनील ने 69वें मिनट में गोल दागकर इतिहास रचा था। उनके इस गोल की बदौलत 2019 एशिया कप के लिए भारत ने क्वालिफाई किया था। इस गोल के साथ वह फीफा की शीर्ष 100 रैंकिंग में शुमार हो गए थे।
छेत्री फाइनल में हैट्रिक लगाने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उन्होंने ताजकिस्तान के खिलाफ एएफसी चैलेंज कप के फाइनल में हैट्रिक लगाई थी। उन्हें छह बार फुटबाल महासंघ की ओर वर्ष का फुटबालर चुना गया। मेजर सॉकर लीग (एमएलएस) में 2010 में कैंसास सिटी विजाड्र्स ने छेत्री को अनुबंधित किया था। वह पुर्तगाली क्लब स्पोर्टिंग सीबी बी के लिए भी खेले।