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लंदन स्क्वैश क्लासिक: क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुईं अनाहत सिंह, मलयेशिया की शिवसांगरी ने हराया
Sat, 05 Sep 2026 12:03 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:03 PM IST
सार
शिवसांगरी ने भारतीय युवा खिलाड़ी पर अपनी आसान जीत का क्रेडिट अपने टैक्टिकल अप्रोच और इंटेंसिटी बनाए रखने की क्षमता को दिया।
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अनाहत सिंह
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत की अनाहत सिंह का लंदन स्क्वैश क्लासिक में सफर शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। मलयेशिया की तीसरी सीड शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने अनाहत को हराया। मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत मुकाबले की शुरुआत से ही खुद को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही थीं। शिवसांगरी ने रैलियों को नियंत्रित किया और लगातार अनाहत को कोर्ट के पीछे धकेलते हुए सिर्फ 17 मिनट में 11-4, 11-4 से जीत हासिल की।
इस नतीजे के साथ यूएसडी 144,000 पीएसए गोल्ड इवेंट में अनाहत का सफर खत्म हो गया। भारतीय खिलाड़ी ने आठवीं सीड वाली बेल्जियम की नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराकर आखिरी आठ में जगह बनाई थी। लंदन स्क्वैश क्लासिक की पूर्व चैंपियन शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में दूसरी सीड वाली मिस्र की अमीना ओरफी से भिड़ेंगी। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन ओरफी, मलयेशियाई खिलाड़ी का इंतजार कर रही हैं।
शिवसांगरी ने भारतीय युवा खिलाड़ी पर अपनी आसान जीत का क्रेडिट अपने टैक्टिकल अप्रोच और इंटेंसिटी बनाए रखने की क्षमता को दिया। मलयेशियाई खिलाड़ी ने स्क्वैशटीवी से कहा, 'मैं अपने खेल से खुश हूं। अनाहत बहुत प्रतिभावान खिलाड़ी है। उसने कुछ टॉप खिलाड़ियों को हराया है और उनमें से ज्यादातर को चुनौती दी है।'
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अनाहत के लिए, यह हार एशियन गेम्स में उनके लिए आने वाली चुनौती का शुरुआती संकेत भी देती है। शिवसांगरी अभी एशिया की सबसे ऊंची रैंक वाली खिलाड़ी हैं और उम्मीद है कि जब जापान में कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन शुरू होगा तो वह भारत की मुख्य मुश्किलों में से एक होंगी। एशियन गेम्स में दांव खास तौर पर अहम होंगे, क्योंकि एकल गोल्ड मेडलिस्ट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी, जहां स्क्वैश का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। एशियन गेम्स पर अपना पूरा ध्यान लगाने से पहले अनाहत को एक और टूर्नामेंट खेलना है। वह 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेने वाली हैं।
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इस नतीजे के साथ यूएसडी 144,000 पीएसए गोल्ड इवेंट में अनाहत का सफर खत्म हो गया। भारतीय खिलाड़ी ने आठवीं सीड वाली बेल्जियम की नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराकर आखिरी आठ में जगह बनाई थी। लंदन स्क्वैश क्लासिक की पूर्व चैंपियन शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में दूसरी सीड वाली मिस्र की अमीना ओरफी से भिड़ेंगी। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन ओरफी, मलयेशियाई खिलाड़ी का इंतजार कर रही हैं।
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शिवसांगरी ने भारतीय युवा खिलाड़ी पर अपनी आसान जीत का क्रेडिट अपने टैक्टिकल अप्रोच और इंटेंसिटी बनाए रखने की क्षमता को दिया। मलयेशियाई खिलाड़ी ने स्क्वैशटीवी से कहा, 'मैं अपने खेल से खुश हूं। अनाहत बहुत प्रतिभावान खिलाड़ी है। उसने कुछ टॉप खिलाड़ियों को हराया है और उनमें से ज्यादातर को चुनौती दी है।'
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अनाहत के लिए, यह हार एशियन गेम्स में उनके लिए आने वाली चुनौती का शुरुआती संकेत भी देती है। शिवसांगरी अभी एशिया की सबसे ऊंची रैंक वाली खिलाड़ी हैं और उम्मीद है कि जब जापान में कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन शुरू होगा तो वह भारत की मुख्य मुश्किलों में से एक होंगी। एशियन गेम्स में दांव खास तौर पर अहम होंगे, क्योंकि एकल गोल्ड मेडलिस्ट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी, जहां स्क्वैश का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। एशियन गेम्स पर अपना पूरा ध्यान लगाने से पहले अनाहत को एक और टूर्नामेंट खेलना है। वह 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेने वाली हैं।