फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Story of murli sreeshankar who won medal in long jump for india in cwg 2022

CWG 2022: पिता ने शराब छोड़ ट्रेनिंग दी, डिप्रेशन से निकाला, अब श्रीशंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में दिलाया रजत

Fri, 05 Aug 2022 10:38 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम Published by: शक्तिराज सिंह Updated Fri, 05 Aug 2022 10:38 AM IST
सार

श्रीशंकर के पिता मुरली एक समय पर शराब के शौकीन थे, लेकिन बेटे के खेल पर ध्यान देने के लिए उन्होंने इससे दूरी बना ली। टोक्यो ओलंपिक में श्रीशंकर के फेल होने के बाद मुरली ने ही अपने बेटे को संभाला था।

विज्ञापन
Story of murli sreeshankar who won medal in long jump for india in cwg 2022
मुरली श्रीशंकर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रमंडल खेलों में मुरली श्रीशंकर ने सातवें दिन इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों के लॉन्ग जंप के फाइनल में देश के लिए रजत पदक जीता। भारत को 12 साल बाद इस खेल में पदक मिला है। वहीं, लॉन्ग जंप में 44 साल बाद किसी पुरुष ने पदक जीता है। मुरली लॉन्ग जंप में राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष और रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं। उनसे पहले 1978 में सुरेश बाबू ने इस खेल में कांस्य जीता था। महिलाओं में 2002 में अंजू बॉबी और 2010 में प्रज्यूषा मलाइखल भी लॉन्ग जंप में पदक जीत चुकी हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज ने कांस्य और प्रज्यूषा ने रजत पदक जीता था।
विज्ञापन
Trending Videos

23 साल के मुरली श्रीशंकर इस साल शानदार फॉर्म में हैं। अप्रैल में फेडरेशन कप के फाइनल में उन्होंने 8.36 मीटर लंबी जंप के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसी के साथ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भी जगह बनाई थी। वह लॉन्ग जंप में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 के फाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष हैं। फेडरेशन कप में कमाल करने के अलावा श्रीशंकर ने ग्रीस में 8.31 मीटर लंबी जंप लगाई थी।  

2018 में पथरी की वजह से नहीं ले पाए थे भाग
साल 2018 में श्रीशंकर पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले थे, लेकिन उन्हें पथरी की समस्या हो गई थी और प्रतियोगिता से सिर्फ 10 दिन पहले उन्हें अपना नाम वापस लेना पड़ा था। इसके बाद 2018 में ही उन्होंने पटिलाया में हुई फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 7.99 मीटर लंबी छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसी साल उन्होंने 8.20 मीटर लंबी छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। इस प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। 



पिता भी रहे हैं एथलीट
श्रीशंकर के पिता एस. मुरली ही उनके कोच हैं। श्रीशंकर का कहना है कि उनके शरीर को उनके पिता उनसे बेहतर समझते हैं। श्रीशंकर के पिता पूर्व ट्रिपल जंप एथलीट थे और दक्षिण एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता रहे हैं। 1992 एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उनकी मां के.एस. बिजिमोल 800 मीटर रेस में रजत पदक जीती थीं।

श्रीशंकर के पिता मुरली एक समय पर शराब के शौकीन थे, लेकिन बेटे के खेल पर ध्यान देने के लिए उन्होंने इससे दूरी बना ली। टोक्यो ओलंपिक में श्रीशंकर के फेल होने के बाद मुरली ने ही अपने बेटे को संभाला था। उस समय श्रीशंकर काफी दबाव में थे और डिप्रेशन में भी चले गए थे। वह खेल छोड़कर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहते थे। ऐसे में उनके पिता ने उन्हें संभाला और अब श्रीशंकर ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed